नई दिल्ली: किसी ने उसे कॉलगर्ल कहा तो किसी ने स्मगलर तो किसी ने इमरजेंसी की चीफ ग्लैमर गर्ल. किसी को नहीं पता कि वो संजय गांघी के इतने करीब कैसे पहुंचीं. उनकी यादें तब ताजा हो गईं, जब मधुर भंडारकर की फिल्म इंदु सरकार में वो दिखीं, संजय गांधी के साथ हर फ्रेम में उन्हें दिखाया गया. फिल्म में उनका नाम था फरजाना, लेकिन असल जिंदगी में उनका नाम था रुखसाना सुल्ताना.
 
एक दौर में दिल्ली की बड़ी सोशलाइट, संजय गांधी के बेहद करीब, संजय से बात करने के लिए उन्हें किसी और की जरूरत नहीं थी. उस दौर में उनका रुतबा इतना जबरदस्त था कि कांग्रेस के नेताओं को संजय तक बात पहुंचाने के लिए उनकी मदद लेनी पड़ती थी. आज रुखसाना की बेटी को लोग उनसे ज्यादा जानते हैं.
 
रुखसाना की बेटी हैं अमृता सिंह, वो मशहूर एक्ट्रेस जो कभी मर्द में अमिताभ के और चमेली की शादी में अनिल कपूर के अपोजिट काम करके चर्चा में आई थीं. उसके बाद अपने से कम उम्र के युवा सैफ अली खान से शादी करके सबको चौंका दिया था. अमृता की मां का भी जलवा कम नहीं था, सरदार शिवेन्द्र सिंह विर्क से शादी टूटने के बाद रुखसाना एक ज्वैलरी बुटीक चलाने लगीं थीं. 
 
एक चर्चित मैगजीन को इंटरव्यू में रुखसाना ने खुद बताया था कि संजय से उन्हें किसी ने नहीं मिलवाया, वो डायरेक्ट संजय गांघी से मिलीं और संजय ने उन्हें जामा मस्जिद, चांदनी चौक के इलाके की रिपोर्ट्स लाने के लिए कहा, वो डेली संजय को रिपोर्ट देने लगीं. मुस्लिम होने के नाते उनको वहां वैसी कोई दिक्कत नहीं आई.
 
31 साल की रुखसाना संजय के इतने करीब आ गईं कि कई चीफ मिनिस्टर संजय से उसके जरिए बात करने लगे थे. मधुर की फिल्म में दिखाया भी गया है कि कैसे संजय ने उनको पुरानी दिल्ली के इलाकों में नसबंदी का कैम्पेन चलाने को भी कहते हैं. आपको यकीन नहीं होगा लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक रुखसाना सुल्ताना के क्रेडिट में पूरे 13 हजार नसबंदियां हैं. इतना ही नहीं तुर्कमान गेट समेत पुरानी दिल्ली के कई इलाकों में डिमोलीशन में भी रुखसाना की प्रमुख भूमिका थी. लोग आरोप लगाते हैं कि रुखसाना के गुंडे नसंबदी से बचने के लिए पैसे मांगते, ना देने पर घर तुड़वाते, नसंबदी करवा देते थे.
 
टाइटलर, कमलनाथ, सज्जन के अलावा संजय के गैंग फोर की अकेली लेडी थीं रुखसाना, आलम ये था कि नेता को नेता बिजनेसमेन्स को भी लाइसेंस लेने के लिए रुखसाना की जरूरत होती थी. उस वक्त मीडिया ने रुखसाना को इमरजेंसी की चीफ ग्लैमर गर्ल जैसे खिताब दिए.
 
इंदिरा सरकार गिरी तो कई ज्वैलर्स ने उन पर पैसों के गबन के आरोप लगाए. कहा जाता है कि अमृता सिंह को अमिताभ बच्चन जैसे बड़े सितारों के साथ काम मिलना हो या नवाब पटौदी के घर में एंट्री, उनकी मां रुखसाना का अहम रोल रहा था. हालांकि रुखसाना ने हर इंटरव्यू में खुद को ही नहीं संजय गांधी तक को निर्दोष ही बताया, कहा कि संजय गांधी के इरादे तो अच्छे थे, लोग संजय को ढ़ंग से समझ नहीं पाए.
 
(यह लेखक के निजी विचार हैं)