सोनभद्र. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 जुलाई को सोनभद्र में हुए नरसंहार को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा. सीएम योगी ने कहा कि सोनभद्र हत्याकांड कांग्रेस नेताओं का पाप है और इस घटना में जो अपराधी हैं उनका सपा से लिंक है. सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को सोनभद्र के उम्भा गांव पहुंचे जहां पिछले बुधवार को जमीन विवाद को लेकर हुए नरसंहार में 10 लोगों की मौत हो गई और 28 लोग घायल हुए थे. सीएम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नरसंहार को लेकर दो जांच कमिटी बनाई गई है. साथ ही इस मामले में पुलिस ने कहां लापरवाही बरती है इसकी भी जांच की जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना में मृतकों के परिवारों को 5 लाख के बजाय 18.50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. वहीं घायलों की मुआवजा राशि भी 50,000 रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये कर दी गई है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोनभद्र नरसंहार एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. उन्होंने साफ किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. जो लोग सालों से इस जमीन पर खेती करते आए हैं उन्हें कोई वहां से हटा नहीं सकता.

इसके अलावा सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोनभद्र नरसंहार के पीड़ित परिवारों को आवास और शौचालय उपलब्ध कराए जाएं. साथ ही जो लोग बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगों के पेंशन के पात्र हैं उन्हें तुरंत इस योजना के तहत लाभ दिया जाए. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने गांव में हाई स्कूल, सोलर पैनल, आंगनबाड़ी केंद्र समेत पुलिस चौकी खोलने की भी बात कही है.

गौरतलब है कि 17 जुलाई को सोनभद्र के उम्भा गांव में 112 बीघा जमीन को लेकर दो जातियों के बीच खूनी संघर्ष हो गया था. जिसके बाद दोनों पक्षों की ओर से जमकर लाठी-डंडे चल. गांव के सरपंच और उसके समर्थक ने अंधाधुन फायरिंग की जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई. यह संघर्ष गुर्जर और गौड़ जाति के लोगों के बीच हुआ, जिसमें 28 लोग घायल हो गए.

दरअसल घटना के दिन उम्भा गांव के सरपंच यज्ञदत्त गुर्जर अपने समर्थकों के साथ 32 ट्रेक्टर में करीब 70 लोगों को लेकर पहुंचा. इनके पास लाठी-डंडों समेत बंदूक और अन्य हथियार भी थे. इन लोगों ने ग्रामीणों की जमीन पर ट्रैक्टर से खेत जोतना शुरू किया, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया तो उन पर हमला कर दिया. गांव के लोग आदिवासी थे और सालों से इस जमीन पर खेती कर रहे थे.

दूसरी तरफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सोनभद्र नरसंहार के खिलाफ 26 घंटे तक धरने पर बैठी रहीं. हालांकि प्रशासन ने उन्हें उम्भा गांव नहीं जाने दिया. प्रियंका ने मिर्जापुर के चुनार गेट पर ही अपना धरना शुरू कर दिया था. इसके 15 लोक उनसे मिलने धरनास्थल पर पहुंचे थे और उन्होंने पीड़ितों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी एलान किया था. हालांकि बाद में उन्होंने अपना धरना खत्म कर दिया और वे दिल्ली लौट गईं. लेकिन उन्होंने राज्य की बीजेपी सरकार को चेतावनी दी है कि वे वापस लौटेंगी और पीड़ितों को इंसाफ दिलाएंगी.

Priyanka Gandhi Meet Victims Sonbhadra Land Dispute Ends Dharna: सोनभद्र नरसंहार पीड़ितों से मिलने के बाद प्रियंका गांधी का धरना खत्म, बीजेपी ने कहा- लाशों की राजनीति कर रहीं कांग्रेस महासचिव

Sonbhadra Land Dispute Priyanka Gandhi Detained: सोनभद्र पर संग्राम, प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने पर देश भर में बीजेपी दफ्तरों के आगे प्रदर्शन करेगी किसान कांग्रेस