नई दिल्ली. Blasphemy Killing शुक्रवार को पकिस्तान से एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में एक पाकिस्तानी जत्था ईशनिंदा के आरोप में एक श्रीलांकाई नागरिक को बेरहमी से मरता हुआ दिखाई पड़ रहा है. ऐसे में श्रीलंकाई नागरिक का दोस्त अपनी पूरी कोशिश करता है कि वे अपने सहकर्मी दोस्त को उस भीड़ से बचा पाए, लेकिन भीड़ के सामने वह लाचार दिखाई देता है. और उसके सामने ही भीड़ उसके दोस्त को खींच कर सड़क पर ले जाती है और बेरहमी से पीटते हुए उसकी जान ले लेती है.

ईशनिंदा के चलते भीड़ ने ली श्रीलंकाई नागरिक की जान

पाकिस्तान के सियालकोट में एक 49 वर्षीय श्रीलंकाई नागरिक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई. इस नागरिक पर ईशनिंदा का आरोप था, जिसके चलते भीड़ ने इसे पहले खूब मारा और फिर शव को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने इस मामलें में अबतक कई लोगो को गिरफ्तार कर लिया हैं और मामले की जांच की जा रही है. आपको बता दें शनिवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें कुछ लोग एक सख्श को पीटते हुए नजर आ रहे थे. हालांकि उस सख्श को बचाने के लिए उसकी सहकर्मी वहां आया लेकिन भीड़ के चलते वह, उसे नहीं बचा पाया।

मॉब लिंचिंग का शिकार हुए दियावदाना

ख़बरों के मुताबिक पंजाब आईजीपी राव सरदार अली खान ने बताया कि श्रीलंकाई नागरिक दियावदाना ने वजीराबाद रोड स्थित Rajco Industries के कर्मचारियों से कहा था कि वे विदेशी प्रतिनिधिमंडल के आने से पहले फैक्ट्री की सभी मशीनों से स्टीकर्स हटा लें. इसपर फैक्ट्री के मजदूरों ने दियावदाना पर ईशनिंदा का आरोप लगाया और उसके खिलाफ विरोध करने लगे. इस विरोध प्रदर्शन में फैक्ट्री के मजदूरों के अल्वा स्थानीय लोग भी शामिल हो गए, जिसके बाद वो सभी दियावदाना पर हमलावर हो गए. सहकर्मी ने दियावदाना को बचाने का भरसक प्रयास किया लेकिन आखिर वह असफल हो गए. भीड़ दियावदाना को घसीटते हुए सड़क पर ले गई और पत्थरों, लोहे की रॉड और लातों से पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी, जिसके बाद भीड़ ने शव में आग लगा दी.

यूं ही आजाद रहे तो कोई भी शिकार हो सकता है: श्रीलंका

इस मामलें पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीलंका के युवा मामलों के मंत्री नमल राजपक्षा ने कहा-
‘पाकिस्तान में चरमपंथी भीड़ द्वारा प्रियंता दियावदाना की निर्मम हत्या समझ से परे है. हालांकि मुझे पीएम इमरान के वादे पर भरोसा है जिन्होंने जिम्मेदार लोगों को न्याय के कठघरे में लाने का वादा किया है.’ उन्होंने कहा यदि चरमपंथी ताकतों को ऐसे ही छोड़ दिया जाए तो यह देश के लिए खतरनाक साबित हो सकती है और यह किसी के साथ भी हो सकता है.

ये पाकिस्तान के लिए शर्म का दिन: इमरान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस घटन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सियालकोट में फैक्ट्री पर भीषण हमले और श्रीलंकाई मैनेजर को जिंदा जलाना पाकिस्तान के लिए शर्म का दिन है. उन्होंने कहा कि इस मामलें में जांच की जाएगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी।

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