नई दिल्ली: तेल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज बयान जारी कर कहा कि पीएम मोदी के साथ बैठक के बाद सरकार ने तय किया है कि सरकार गैर जरूरी आयातों में कटौती करेगी. इस बैठक में वित्त मंत्री के साथ आरबीआई के गवर्नर, उप गवर्नर के अलावा वित्त मंत्रालय और पीएमओ के अधिकारी भी शामिल थे. वित्त मंत्री ने कहा कि एक्टर्नल फैक्टर और वैश्विक अर्थव्यवस्था के हालात पर ब्रीफिंग दी गई. इस दौरान वित्त मंत्री ने मसाला बॉन्ड का जिक्र भी किया. 

वित्त मंत्री ने कहा कि  सरकार गैर-जरूरी आयात में कटौती करेगी साथ ही अपने निर्यात बढ़ायेगी. इसके अलावा सरकार चालू खाता घाटा नियंत्रित करने के लिए ईसीबी, मसाला बांड से प्रतिबंध हटाएगी. 

क्या है मसाला बॉन्ड?

दरअसल मसाला बॉन्ड देश के बाहर जारी किए जाते हैं. इसे भारतीय कंपनियां विदेशी निवेश के लिए जारी करती है.आसान भाषा में समझा जाए तो विदेशी पूंजा बाजार में निवेश के लिए भारतीय रुपये में जारी किए जाने वाले बॉन्ड को मसाला बॉन्ड कहते हैं जिसे भारतीय मसालों के नाम पर मसाला बॉन्ड कहा जाता है. इससे पहले भारतीय कंपनियां विदेशी निवेश के लिए डॉलर में बॉन्ड जारी करती थी जिसके मूल्य में अगर उतार-चढ़ाव होता था तो उसका नुकसान भारतीय कंपनियों को उठाना पड़ता था. 

इसे ऐसे समझाया जा सकता है कि भारतीय कंपनियों को विदेशों में पूंजी जुटाने के लिए जिन साधनों का इस्तेमाल करने की छूट मिली है उन्हीं में से एक है मसाला बॉन्ड जिन्हें बेचकर कंपनियां विदेशों में पूंजी जमा करती है.

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