नई दिल्ली: कानपुर में 8 पुलिसवालों की हत्या करने वाला विकास दुबे गिरफ्तार हो गया है. विकास दुबे को उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर से गिरफ्तार किया गया. लेकिन इतनी दबिश और पुलिसिया छानबीन के बीच विकास दुबे कानपुर से उज्जैन कैसे पहुंचा? रास्ते में क्या उसे किसी ने नहीं रोका? रेड अलर्ट के बावजूद 1000 किलोमीटर का सफर तक कर विकास दुबे उज्जैन तक कैसे पहुंचा?

इस बीच खबर ये है कि दुर्दांत अपराधी विकास दुबे पुलिसकर्मियों को गोली मारने के बाद तेल डालकर उनके शवों को जलाने की कोशिश में था. वो जवानों के शव जलाकर सबूत मिटाना चाहता था. बताया जा रहा है कि उसने शुरूआती पूछताछ में बताया कि उसे रेड की खबर पहले से थी लेकिन पुलिस ने सुबह की जगह रात में ही रेड कर दी.

विकास_दुबे से जब महाकाल परिसर में पूछताछ हुई तो उसने अपना नाम शुभम बताया जबकि उसके पास नवीन पॉल नाम का आधार कार्ड था. ये बातें
महाकाल मंदिर की सुरक्षा अधिकारी रूबी यादव ने मीडिया को बताई है. रूबी ने बताया की जब उसे पकड़ा तो वो किसी बंटी को चिल्लाया और इशारा किया की वीडियो बनाओ. सवाल ये भी है कि विकास दुबे के साथ क्या बंटी नाम का कोई और भी शख्स था? अगर हां तो वो बंटी कहां है?

इस पूरे घटनाक्रम को ध्यान से देखें तो ये कहीं से गिरफ्तारी नहीं लगती. ऐसा लगता है कि विकास दुबे ने सोच-समझकर महाकाल मंदिर में जाकर खुद को गिरफ्तार करवाया. वो खुद बोला कि मैं विकास दुबे हूं. कुख्यात अपराधी विकास दुबे कानपुर से चला और फरीदाबाद होते हुए उज्जैन पहुंच गया. उसे शायद ये लगा कि मंदिर के अंदर उसका एनकाउंटर नहीं हो पाएगा. क्योंकि पिछले कुछ दिनों में उसके पांच गुर्गों का पुलिस एनकाउंटर कर चुकी है.

Vikas Dubey Arrested in Ujjain: UP पुलिस के 8 जवानों की हत्या का आरोपी विकास दुबे उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के सामने से गिरफ्तार

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