हैदराबाद. तेलंगाना के हैदाराबाद में महिला डॉक्टर को गैंगरेप के बाद जिंदा जला देने वाले चारों आरोपियों को साइबराबाद पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया. पुलिस का कहना है कि जांच के अनुसार आरोपियों को सीन रिक्रेएशन के लिए घटनास्थल पर ले जाया गया था. पुलिस एनकाउंटर को लेकर साइबराबाद के कमिश्नर वीसी सज्जनार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि इस एनकाउंटर में कानून ने सिर्फ अपना काम किया है.

पुलिस कमिश्नर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शुक्रवार की सुबह पुलिस आरोपियों को जांच के लिए घटनास्थल पर ले गई. यहां आरोपियों ने पुलिस पर पत्थर-लकड़ियों से वार किया और हथियार छीनकर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने आरोपियों को पहले चेतावनी देकर सरेंडर करने को कहा लेकिन उन्होंने फायरिंग जारी रखी. जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलानी शुरू की.

साइबराबाद के कमिश्नर वीसी सज्जनार ने बताया कि मुठभेड़ में 2 पुलिसकर्मी घायल भी हो गए. एनकाउंटर के समय आरोपियों के साथ 10 पुलिसकर्मी मौजूद थे. पुलिस ने घटनास्थल से पीड़िता का मोबाइल भी रिकवर कर लिया है.

साइबराबाद के कमिश्नर वीसी सज्जनार ने आगे कहा कि पुलिस को शक है कि आरोपी कर्नाटक में और भी कई मामलों को अंजाम दे चुके हैं. जांच की जा रही है. वहीं मानवाधिकार आयोग का मामला संज्ञान में लेने पर उन्होंने कहा कि पुलिस हर मुद्दे के सवाल का जवाब देगी.

सवालों के घेरे में हैदराबाद का पुलिस एनकाउंटर

हालांकि,  लोगों इस बात से पूरी तरह संतुष्ट हैं कि इन वहशी लोगों के साथ यही किया जाना चाहिए था. लेकिन कहीं न कहीं लोग एनकाउंटर पर सवाल भी खड़े करने लगे हैं. बीजेपी सांसद मेनका गांधी ने तो साइबराबाद पुलिस की इस कार्रवाई को भयावह बताया है. वहीं एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी कहा कि वे पुलिस एनकाउंटर के खिलाफ हैं.  तो समाजवादी पार्टी के सांसद प्रोफेसर राम गोपाल यादव ने इसे कोल्ड ब्लडेड मर्डर करार दिया है. 

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