Uttarakhand Glacier Burst: उत्तराखंड के चमोली जिले के रैनी में ग्लेशियर फटने की सूचना है. जानकारी के मुताबिक ग्लेशियर फटने से आए भीषण सैलाब में सैकड़ों लोगों के बहने की आशंका है. बताया जा रहा है कि ग्लेशियर फटने से धौली नदी में बाढ़ आ गई है. इससे चमोली से हरिद्वार तक खतरा बढ़ गया है. सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है. वहीं, चमोली जिले के नदी किनारे की बस्तियों को पुलिस लाउडस्पीकर से अलर्ट कर रही है. कर्णप्रयाग में अलकनंदा नदी किनारे बसे लोग मकान खाली करने में जुटे.

अपर जिलाधिकारी टिहरी शिव चरण द्विवेदी ने बताया कि धौली नदी में बाढ़ आने की सूचना मिलने के बाद जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है. इसके साथ ही हरिद्वार जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया है. सभी थानों और नदी किनारे बसी आबादी को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. ऋषिकेश में भी अलर्ट जारी किया गया है. नदी से बोट संचालन और राफ्टिंग संचालकों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं.

श्रीनगर जल विद्युत परियोजना को झील का पानी कम करने के निर्देश जारी किए गए हैं. ताकि अलकनंदा का जल स्तर बढ़ने पर अतिरिक्त पानी छोड़ने में दिक्कत न हो. चमोली के पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि काफी नुकसान की सूचना आ रही है. लेकिन अभी स्थिति स्पष्ट नहीं. टीम मौके पर जा रही है, उसके बाद ही नुकसान की स्थिति स्पष्ट होगी.

तपोवन बैराज पूरी तरह से ध्वस्त

बताया जा रहा है कि ग्लेशियर फटने के बाद बांध क्षतिग्रस्त हुआ. जिससे नदियों में बाढ़ आ गई है. तपोवन बैराज पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है. श्रीनगर में प्रशासन ने नदी किनारे बस्तियों में रह रहे लोगों से सुरक्षित स्थानों में जाने की अपील की है. वहीं, नदी में काम कर रहे मजदूरों को भी हटाया जा रहा है.

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