नई दिल्ली/ उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में सियासी घमासान अब खत्म होता नजर आया. त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे के बाद तीरथ सिंह रावत को उत्तराखंड का नया मुख्यमंत्री बनाया गया. अब उत्तराखंड की कमान तीरथ सिंह रावत संभालेंगे. बता दें कि तीरथ सिंह रावत की गिनती बीजेपी के बड़े नेताओं में होती है और वह गढ़वाल से सांसद होने के साथ बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव भी है. 2019 में वह हिमाचल प्रदेश के चुनाव प्रभारी भी बनाए गए थे. तो चलिए जानते है तीरथ सिंह रावत के सफर के बारे में.

तीरथ सिंह रावत का जन्म उत्तराखंड के सिरों पोड़ी गढ़वाल में हुआ है. उनके पिता का नाम श्री कलम सिंह रावत है और उनकी मां का नाम श्रीमती गौरा देवी है. उन्होंने छात्र राजनीति से अपनी शुरुआत की थी. तीरथ सिंह रावत 1938 से 1988 तक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक रहे और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री रह चुके हैं. साल 2000 में नवगठित उत्तराखंड के फल शिक्षा मंत्री बने थे और उसके बाद 2007 में बीजेपी ने उन्हें उत्तराखंड का प्रदेश महामंत्री बनाया. उसके बाद वह प्रदेश चुनाव अधिकारी और प्रदेश सदस्यता प्रमुख रह चुके है.

हेमवती नंदन गढ़वाल विश्व विधालय में छात्र संघ अध्यक्ष और छात्र संघ मोर्चा में उत्तरप्रदेश के उपाध्यक्ष भी रहे है उसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रह चुके है. और पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद खंडूडी के सबसे करीबी लोगों में शामिल तीरथ सिंह 2012 के विधानसभा में चुनाव में चौबट्टाखाल सीट से मैदान में उतारा गया, जहां उन्होंने जीत हासिल करी थी. फरवरी 2013 में उन्हें पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई और 2015 में उन्हें प्रदेश की राजनीति से हटाकर राष्ट्रीय महासचिव का दायित्व दे दिया गया.

तीरथ सिंह रावत को 2019 के चुनाव में बीजेपी गढ़वाल लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया था. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के मनीष खंडूड़ी को बहुत भारी मतों से हराया था. तीरथ सिंह रावत को एक अच्छी छवि का नेता माना जाता है.

Uttrakhand Assembly Elections: तीरथ सिंह रावत बने उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री

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