नई दिल्ली: सीआईएसएफ की तर्ज पर यूपी सरकार ने एक सुरक्षा बल गठन करने का अध्यादेश जारी कर दिया है. इसके साथ इसकी नियमावली बनाने को लेकर काम शुरू हो गया है. यरपोर्ट, मेट्रो, कोर्ट समेत तमाम महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा में तैनात होने वाली यूपी एसएसएफ को वह सारे अधिकार होंगे जो सीआईएसफ को मिले हैं. यूपी एसएसएफ एफआईआर भी दर्ज कर सकेगी साथ ही तलाशी और गिरफ्तार भी कर सकेगी. हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स यूपीएसएसएफ का खाका खींचा गया है जिसके जिम्मे अदालतों की सुरक्षा भी होगी. यूपीएसएसएफ में 9919 जवान होंगे, जिसकी पांच बटालियन होंगी. इसका मुख्यालय लखनऊ में होगा और डीजीपी के अधीन एडीजी स्तर का अधिकारी यूपी एसएसएफ का चीफ होगा.

आने वाले वक्त में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड इस स्पेशल फोर्स के लिए भी भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा. बताया जा रहा है कि इस युनिट पर 1 साल में यूपी एसएसएफ पर 1747 करोड़ का खर्च आएगा. इस युनिट के पास गिरफ्तार करने, हिरासत में लेकर पूछताछ करने के अधिकार होंगे. बिना किसी वारंट और मजिस्ट्रेट की अनुमति के किसी भी ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है जो उसके ख़िलाफ़ खुद से बल प्रयोग करता है या कर सकता है, हमला करता है या कर सकता है. काम में अवरोध करता है या कर सकता है.

इसके अलावा अगर फोर्स को लगता है की कोई अपराध घटित किया गया या होने वाला है, अपराधी के फरार होने या साक्ष्य मिटाने का प्रयास कर सकता है तो ऐसी स्थिति में बिना वारंट के तलाशी भी ली जा सकेगी. इतना ही नहीं आने वाले वक्त में यूपीएसएसएफ को थाने का पावर दिया जाएगा जिससे वह कानूनी प्रक्रिया का भी पालन भी करें. उत्तर प्रदेश गृह विभाग के मुताबिक ये युनिटा कोर्ट, एयरपोर्ट और मेट्रो के साथ-साथ महत्वपूर्ण स्थानों और महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा का जिम्मा भी उठाएगा. इसके साथ ही अगर निजी प्रतिष्ठान और व्यक्ति भी इसके जवानों को तैनात करना चाहेंगे तो उनका भुगतान कर स्पेशल फोर्स के जवान अपनी सेवा देंगे.

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