नई दिल्ली. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट जारी की हैं जिसमें उसने दावा किया है कि भारत में साल 2018 में अल्पसंख्यकों पर सबसे अधिक हमले हिन्दूवादी संगठनों ने किए हैं. अमेरिका ने यह रिपोर्ट 21 जून को जारी की है जिसमें बताया गया है कि अल्पसंख्यक समुदायों, विशेष रूप से मुसलमानों के खिलाफ हिंसा चरमपंथी हिंदू कट्टरपंथी समूहों द्वारा हुई है. वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस बात को नकार दिया है, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारत सभी लोग एक साथ रहते हैं. यूएस की रिपोर्ट का कोई आधार नहीं है और देश में हर व्यक्ति को अपने मूल अधिकार भी दिए गए हैं. इतना ही नहीं भारत को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र होने पर गर्व भी है.

इसके आगे रवीश कुमार ने कहा कि भारतवासी सहिष्णुता और सौहार्द से रहना जानते हैं और किसी देश को हक नहीं है कि हमारे नागरिकों को लेकर ऐसी घोषणा करे. उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को उनके मूलभूत अधिकारों की गारंटी देता है और ये अधिकार अल्पसंख्यकों को भी समान रूप से है. यहां सभी धर्मों की स्वतंत्रता की समान रूप से सुरक्षा होती है. 

इसके साथ ही इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी सरकार को USCIRF प्रतिनिधिमंडल को धर्म की स्वतंत्रता के लिए शर्तों का मूल्यांकन करने के लिए हितधारकों के साथ बैठक करने की अनुमति देने के लिए भारत पर दबाव डालना चाहिए.

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी प्रशासन की ओर से अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट में पाकिस्तान की भी आलोचना की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान सरकार ने 40 से ज्यादा लोगों को ईशनिंदा के झूठे आरोप में फंसाकर जेल भेज दिया है. अमेरिकी प्रशासन ने पाकिस्तान की जेल में बंद इन लोगों को रिहा करने की पाकिस्तान सरकार से मांग की है. इसी तरह चीन की जेलों में बंद उईगर मुस्लिमों को रिहा करने की मांग की कई है.

Lok Sabha elections Exit Poll 2019: भारत में एग्जिट पोल के बार में जानिए ये दिलचस्प कहानी, पढ़ें डिटेल

Iran Ready for War with US: दुनियाभर में गहराया तीसरे विश्वयुद्ध का खतरा, ईरान ने मार गिराया अमेरिकी ड्रोन, तेल की कीमतों में लग सकती है आग

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App