नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव से पहले कल मोदी सरकार ने सवर्ण वर्ग को एक खास तोहफा दिया है. बता कि मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को नौकरी और शिक्षा क्षेत्र में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐलान किया है. ऐसे में केंद्र सरकार के इस फैसले को समर्थन देने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती आगे आयी हैं. मायावती ने कहा कि वह आरक्षण पर संविधान संशोधन बिल पर समर्थन करेंगी. हालांकि मंगलवार को लोकसभा में सवर्ण आरक्षण विल पेश होगा.

गौरतलब है कि मोदी सरकार के इस फैसले पर बसपा प्रमुख कि मायावाती ने यह भी कहा है कि है लोकसभा चुनाव से पहले लिया गया यह फैसला हमें सही नियत का नहीं लगता है, हो सकता कि यब भाजपा कि चुनाव को लेकर कोई रणनीति हो. अगर भाजपा को यह फैसला लेना ही था तो वह अपना कार्यकाल खत्म होने से ठीक पहली नहीं पहले बल्कि बहुत पहले यह निर्णय लेना चाहिए था. वहीं सूत्रों के माने तो उन्होंने यह भी बताया है कि सवर्णों को 10% आरक्षण के साथ ओबीसी और एस सी- एस टी वर्ग के आरक्षण को भी बढ़ाया जाये. इसके अलावा इस कांग्रेस ने भी मोदी सरकार के इस फैसले को एक चुनावी दांवपेंच बताया है, लेकिन खबरों के मुताबिक मायावती की तरह कांग्रेस भी आरक्षण पर संविधान संशोधन बिल का साथ देगी. यही नहीं इसमें शरद पवार की एनसीपी (राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी) भी शामिल है.

बता दे कि केंद्रीय कैबिनेट ने द्वारा इस आरक्षण प्रावधान को सोमवार को मंजूरी दी ही. साथ ही आरक्षण प्रावधान के लिए सवर्णों में आने वाले ब्राह्मण, बनिया, ठाकुर, जाट, गुज्जर, मुस्लिम और ईसाई को शामिल किया गया है.

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