लखनऊ. हमारे देश में ईमानदार अधिकारियों का क्या हश्र होता है, यदि इस पर गौर करें तो लगता है कि भारतीय लोकतंत्र में ईमानदारी सबसे बड़ा अपराध है. इसी प्रकार का एक संगीन मामला उत्‍तर प्रदेश के बांदा से सामने आया है. जब एक बहादुर और ईमानदार आईपीएस अधिकारी ने रेत खनन माफियाओं से अवैध वसूली कर रहे पुलिसकर्मियों को रंगे हाथों पकड़ लिया तो उन्होंने आईपीएस अधिकारी पर भी हमला कर दिया. यहीं नहीं आईपीएस अधिकारी के हाथ-पैर भी तोड़ दिए.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बांदा जिले के गिरवां थाने के पुलिसकर्मी रेत से भरे ट्रकों से अवैध वसूली कर रहे थे. उसी समय आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार पुलिस मुख्‍यालय (लखनऊ) से विशेष दल के साथ वहां पहुंच गए. प्रशासन ने इस मामले में थानाध्‍यक्ष विवेक प्रताप सिंह और एक सिपाही को निलंबित कर दिया है. इसके अलावा हमले के आरोपी चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

बताया जा रहा है कि लखनऊ पुलिस मुख्यालय को रेत से भरे ट्रकों से पुलिस द्वारा अवैध पैसा वसूलने की शिकायत मिली थी. इसके बाद पुलिस महानिदेशक ने एक विशेष टीम को बांदा भेजा था. ये इस प्रकार की पहली घटना है कि किसी पुलिस अधिकारी पर उसके ही विभाग के कर्मचारियों ने हमला किया हो. हालांकि इससे पहले अवैध माफियाओं के द्वारा पुलिस और संबंधित अधिकारियों पर हमले की खबरें आती रही हैं.

इससे पहले मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 08 मार्च 2012 को होली के दिन एक आईपीएस अधिकारी नरेन्द्र कुमार को पत्थरों का अवैध खनन करने वाले माफिया ने ट्रेक्टर से कुचल दिया था.

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