लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव से पहले भारतीय जनात पार्टी-BJP ने दो बड़े फैसले किये, पहला यह कि किसानों के भारत बंद से एक दिन पहले किसान सम्मेलन में सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गन्ने की कीमत 25 रूपये बढ़ाने का ऐलान किया. अगले पेराई सत्र से 315 रुपये वाले गन्ने का मूल्य अब 340 रुपये प्रति क्विंटल होगा जबिक 325 रुपये मूल्य वाले गन्ने की कीमत अब 350 रुपए क्विंटल मिलेगी. 305 रुपये वाले गन्ने की कीमत 330 रूपयो होगी. वहीं दूसरी तरफ शाम-शाम होते होते कैबिनेट का विस्तार कर डाला जिसमें एक कैबिनेट मंत्री और छह राज्य मंत्री शामिल किये गये हैं.
इस विस्तार में जाति और क्षेत्र का बखूबी ध्यान रखा गया है, जो मंत्री बनाये गये हैं उसमें जितिन प्रसाद (ब्राह्मण) के अलावा संगीता बलवंत बिंद (ओबीसी), धर्मवीर प्रजापति (ओबीसी), छत्रपाल गंगवार (ओबीसी), पलटूराम (एससी), दिनेश खटिक (एससी) व संजय गौड़
(एसटी) को मौका दिया गया है. मोदी की तरह योगी सरकार ने भी ओबीसी में गैर यादव और दलित में गैर जाटव को सरकार में शामिल कर बड़ा दांव चला है, उसी हिसाब से नाम पुकारते हुए परिचय भी कराया जा रहा था. मतलब साफ है कि चुनाव के लिए जातीय व क्षेत्रीय संतुलन साधने का प्रयास किया गया है. पिछले दिनों मोदी सरकार के विस्तार की तरह ही योगी कैबिनेट विस्तार में चुनाव का पूरा ध्यान रखा गया है. अब देखना यह है कि बीजेपी और योगी का यह दांव कितना काम करता है!