UP Election 2022

उत्तर प्रदेश.  UP Election 2022 उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां एक के बाद एक अपने उम्मीदवारों के नाम सामने रखी रही है. हलाकि प्रदेश में पहले और दूसरे चरण के लिए अभी सभी पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों के नाम साझा नहीं किए हैं. लेकिन इसके बावजूद भी प्रदेश में माहौल गरमाया हुआ है. असदुद्दीन ओवैसी ने भी पहले चरण के चुनाव के लिए अपने 9 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है.

असदुद्दीन ओवैसी के नाम सामने रखने के बाद से ही समाजवादी पार्टी और गठबंधन वाली RLD के लिए मुश्किलें बढ़ गई है. ऐसा माना जा रहा है कि असदुद्दीन ओवैसी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का चुनावी समीकरण बिगाड़ सकते हैं. रविवार को असदुद्दीन ओवैसी ने पहले चरण के चुनाव के लिए 9 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी, जिसमें सभी 9 लोग मुस्लिम समुदाय के हैं. बता दें कि उत्तर प्रदेश में ओवैसी ‘वंचित समाज सम्मेलन’ कर रहे हैं, जिसपर वे मुसलमानों के साथ-साथ दलितों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की लड़ाई के प्रति आवाज बुलंद करते हुए नजर आए हैं. लेकिन मजे कि बात यह है कि ओवैसी ने पहले चरण के चुनाव के लिए एक भी उम्मीदवार को आरक्षित समुदाय में नहीं रखा है.

कई सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवारों की टक्कर

इससे उनकी मंशा साफ़ जाहिर होती है कि ओवैसी मुसलमानों के अलावा किसी के बारे में नहीं सोचते है और हर जगह यही सन्देश देना चाहते हैं. ओवैसी की पार्टी के उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश में कई सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है. इनमें गाजियाबाद के लोनी विधानसभा सीट, हापुड़ ज़िले की धौलाना सीट, गढ़मुक्तेश्वर सीट और मेरठ की किठोर सीट शामिल हैं.

कई सीटों पर ओवैसी ने पहले उतारे उम्मीदवार’

ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में कई सीटों पर अन्य पार्टी से पहले अपने उम्मीदवार उतार दिया है. ऐसे में विपक्षीय पार्टियों के लिए इन सीटों पर उम्मीदवार का नाम सामने रखना और भी कठिन हो गया है. ओवैसी की पार्टी ने सहारनपुर की बेहट सीट पर अमजद अली और सहारनपुर नगर पर महबूब हसन को उतारा है. इन सीटों पर अभी ना समाजवादी पार्टी-आरएलडी ने अपने उम्मीदवार दिया है और ना ही बसपा या कांग्रेस ने किसी का नाम सामने रखा है.

सपा में सीटों को लेकर माथापच्ची जारी है, कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए लोग अपने टिकट का इंतजार कर रहे हैं. वही सपा में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो टिकट न मिलने की उम्मीद में बीएसपी से टिकट का जुगाड़ करने में जुटे हैं. जहां सभी पार्टियां सीटों और उम्मीदवारों को लेकर व्यस्त है, वहीँ इस बात का फायदा ओवैसी की पार्टी उठाने के फ़िराक में है और लोगों को अपनी ओर खींच रही हैं.

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