लखनऊ. गुरुवार 1 अगस्त यानी आज सुप्रीम कोर्ट में उन्नाव रेप केस पर सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गैंगरेप पीड़िता से जुड़े सभी मामलों की 45 दिनों के अंदर सुनवाई हो और यूपी सरकार पीड़िता की मां, पूरी फैमिली समेत वकील को सुरक्षा दे. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार से कहा है कि वह गैंगरेप पीड़िता को 25 लाख रुपये मुआवजा दे. इससे पहले उन्नाव रेप कांड को लेकर पीड़िता की शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को तलब किया और स्टेटस रिपोर्ट मांगी. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच ने उन्नाव गैंगरेप मामले की सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि उन्नाव रेप कांड से जुड़े सभी मामले दिल्ली ट्रांसफर किए जाए. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने रायबरेली रोड एक्सीडेंट में घायल रेप पीड़िता का भी हाल जाना. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला यूपी पुलिस के लिए कड़ा झटका है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता को दिल्ली लाने का आदेश दिया है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि वह 7 दिन के अंदर रायबरेली रोड हादसे की रिपोर्ट पेश करने को कहा है. 

दरअसल बुधवार को इस मामले को लेकर हुई सुनवाई में कोर्ट ने यूपी के प्राधिकारियों से उन्नाव रेप केस की पीड़िता के अचानक से ऐसे दुर्घटनाग्रस्त होने पर स्थिति रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था. वहीं उन्नाव रेप पीड़िता कार एक्सीडेंट मामले में खुफिया एजेंसी आईबी का बड़ा खुलासा भी हुआ है. उन्होंने कहा है कि रायबरेली में जो कार एक्सीडेंट हुआ था वो हादसा नहीं था बल्कि साजिश थी. रायबरेली कार हादसा मामले में आईबी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पुलिस बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के दबाव में थी और उन्नाव रेप पीड़िता को पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई थी. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि सीनियर पुलिस अफसरों में तालमेल का अभाव था.

इसी दौरान उन्नाव रेप केस पर हुई सुनवाई में वरिष्ठ वकील वी गिरि ने कोर्ट से यह कहा कि इस रेप कांड के मामले को यूपी के बाहर ट्रांसफर कर देना चाहिए. दूसरी ओर रेप पीड़िता की मां ने इस साल के शुरुआत में एक याचिका दायर कर इस मामले की सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट में भेजने के लिए गुहार लगाई थी. बता दें कि इस बलात्कर केस का आरोप सूबे की सत्ताधारी पार्टी भाजपा के विधायक कुलदीप सेंगर पर है.

गौरतलब है कि रेप पीड़िता की ओर सी लिखी गई चिट्ठी भी तक चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के सामने पेश नहीं हो सकी है, जिस पर प्रधान न्यायाधीश (CJI) रंजन गोगोई ने नाराजगी जताई है. इस मामले पर बुधवार को हुई सुनावई के दौरान कोर्ट ने अपने सेक्रेटरी जनरल से उन्नाव रेप पीड़िता की ओर से चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को लिखी हुई चिट्ठी उनके सामने अब तक पेश क्यों नहीं किया गया. दरअसल न्यायमूर्ती गोगोई को लिखे पत्र में उन्नाव रेप पीड़िता ने अपनी जान के खतरे की आशंका जताई थी और चीफ जस्टिस से अपनी परिवार रक्षा करने की गुहार लगाई थी. साथ इस मामले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कारवाई की मांग भी की थी.

लेकिन हाल ही में पीड़िता का कार अक्सीडेंट हुआ है. जिसकी वजह से वह गंभीर रूप से घायल हो गई और अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही है. इस सड़क हादसे को में रेप पीड़िता के परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई है और पीड़िता का वकील भी गंभीर रूप से घायल है. इस हादसे के पीछे किसी सोची समझी साजिश को बताया जा रहा है. फिलहाल इस पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है.

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