नई दिल्ली. उन्नाव रेप मामले में तीस हजारी कोर्ट ने फैसला सुना दिया है, बीजेपी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को तीस हजारी कोर्ट से बड़ा झटका मिला है. तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को नाबालिग पीड़िता से रेप और अपरहण के मामले में दोषी करार दिया है. जज ने कहा यह साल 2017 में पीड़िता के साथ रेप का मामला है और लड़की ने बताया कि उसको लगतार धमकी दी जा रही थी. इस मामले में कोर्ट 19 दिसंबर को सजा पर बहस करेगा.

जल्द होगा सेंगर की सजा का ऐलान, उम्र कैद तक मिल सकती है

इसके साथ ही कोर्ट ने इस केस में सह आरोपी महिला शशि सिंह को बरी कर दिया है जो पीड़िता को नौकरी दिलाने के बहाने विधायक कुलदीप सेंगर के पास लेकर गई थी. इसके साथ ही कोर्ट ने चार्ज शीट पर सीबीआई की देरी को लेकर सीबीआई को फटकार लगाई है. तीस हजारी कोर्ट ने विधायक कुलदीप सेंगर पर इस केस में धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 363 (अपहरण), 366 (महिला का अपहरण या उत्पीड़न), 376 (बलात्कार) और POCSO के तहत दोषी ठहराया है. कुलदीप सिंह सेंगर को तीस हजारी कोर्ट ने IPC की धारा 376 यानी बलात्कार पोस्को की धारा 5(c) और 6 कि धारा के तहत दोषी करार दिया है.इसमें अधिकतम सजा उम्र कैद हो सकती है.

कोर्ट की टिप्पणी- मामले की जांच में पुरुषवादी सोच रही हावी, संवेदनशीलता और मानवीय नजरिए का अभाव

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा- मौजूद केस में वो सारी मजबूरियां और लाचारियां हैं जो दूरदराज में रहने वाली ग्रामीण महिलाओं के सामने अक्सर आती हैं. जिनसे जूझ कर लडकियां और महिलाएं डर और शर्म से अपना नारकीय जीवन काटती हैं. कोर्ट ने कहा कि हमारे विचार से इस जांच में पुरुषवादी सोच हावी रही है और इसी वजह से लड़कियों के खिलाफ यौन हिंसा और शोषण में जांच के दौरान संवेदनशीलता और मानवीय नजरिये का अभाव दिखता है. यहीं वजह है कि जांच के दौरान इस मामले में कई जगह ऐसा लगा कि पीड़ित और उसके परिवार वालों के साथ निष्पक्ष जांच नही हुई.

बीजेपी के निष्काषित पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर उन्नाव रेप में दोषी करार, उम्र कैद तक हो सकती है सजा, पढ़ें फैसले की कॉपी

पीडिता का साल 2017 में सेंगर ने अपहरण कर लिया और उसका बलात्कार किया गया. इसके बाद पिछले साल अप्रैल में सेंगर गिरफ्तार किया गया था, जब लड़की ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लखनऊ में घर के सामने खुद को आग लगाने की धमकी दी थी. यूपी के बांगरमऊ से भाजपा के चार बार के विधायक सेंगर को अगस्त 2019 में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था.

इसी साल 28 जुलाई को पीड़िता की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी और वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी. दुर्घटना में महिला की चाची की मौत हो गई थी. महिला के बयान को दर्ज करने के लिए एम्स अस्पताल में एक विशेष अदालत भी रखी गई थी, जिसे लखनऊ के एक अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद वहां भर्ती कराया गया था.

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