नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने दमन और दीव तथा दादरा और नागर हवेली को एक केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला लिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राजपत्र के जरिए नोटिफिकेशन जारी कर इसकी घोषणा कर दी है. केंद्र सरकार ने शीतकालीन सत्र में संसद के दोनों सदनों से केंद्र शासित प्रदेशों का विलय बिल 2019 पास कराया. अब 26 जनवरी 2020 से दमन दीव और दादरा नागर हवेली ये दोनों एक ही केंद्र शासित प्रदेश होंगे. इस नई व्यवस्था के बाद भारत में केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या 9 से घटकर 8 हो जाएंगी.

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बीते अगस्त महीने में भी जम्मू-कश्मीर राज्य का विभाजन कर वहां से अनुच्छेद 370 हटा दिया था. इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला लिया था. इसके बाद अब सरकार ने गुजरात की सीमा से सटे दो केंद्र शासित प्रदेश- दमन-दीव और दादरा-नगर हवेली का विलय कर एक केंद्र शासित बनाने का फैसला लिया गया है.

क्यों हुआ दमन दीव और दादरा नागर हवेली का विलय?
दमन दीव और दादरा नागर हवेली केंद्र शासित प्रदेश गुजरात के निकट समुद्री तट पर बसे हैं. केंद्र सरकार का तर्क है कि इन दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के बीच महज 35 किलोमीटर की दूरी है. इतनी कम दूरी के बावजूद दोनों प्रदेशों का बजट अलग-अलग होता है. प्रदेश भौगोलिक दृष्टि से काफी छोटे हैं. दमन और दीव में दो जिले हैं, दूसरी तरफ दादरा और नागर हवेली में सिर्फ एक ही जिला है. अब इन दोनों प्रदेशों को मिलाकर एक केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है.

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