रांची. मॉब लिंचिंग यानी भीड़ के हाथों हत्या. कभी चोर. कभी बच्चा चोर. कभी बीफ. कभी गाय. अफवाह या कारण कुछ भी हो, भीड़ ने असम से लेकर राजस्थान तक और झारखंड से लेकर महाराष्ट्र तक बेगुनाह लोगों को मार दिया. केंद्र सरकार ने इन अफवाहों को रोकने के लिए राज्यों के सख्त निर्देश दिए हैं और व्हाट्सएप्प जैसी सोशल नेटवर्किंग कंपनियों की मीटिंग बुलाई है. लेकिन इसी केंद्र सरकार के मंत्री जयंत सिन्हा रामगढ़ मॉब लिंचिंग के आरोपियों के जेल से छूटने पर माला पहनाकर उनका स्वागत कर रहे हैं.

इस मामले में जयंत सिन्हा ने सफाई दी कि रामगढ़ केस में रांची हाईकोर्ट ने इन्हें जमानत पर रिहा किया है. वहीं मैं जनता के द्वारा चुना गया हूं जिसने कानून की शपथ ली है. जमानत मिलने के बाद ये मेरे घर आए और मैंने उन्हें शुभकामना दी. मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है. जो दोषी होंगे उन्हें सजा मिलेगी और जो निर्दोष है उन्हें मुक्त कर दिया जाएगा.

गृह मंत्री राजनाथ सिंह एक तरफ मॉब लिचिंग के खिलाफ सख्ती दिखा रहे हैं तो दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी भाजपा के वरिष्ठ नेता और सरकार में मंत्री जयंत सिन्हा मॉब लिंचिंग के आरोपियों का यह कहकर बचाव कर रहे हैं कि झारखंड पुलिस ने गलत जांच की, वो झारखंड जिसकी सरकार बीजेपी चला रही है. जयंत सिन्हा ने इस मामले को लेकर अप्रैल में मामले की सीबीआई जांच की भी मांग की थी. सिन्हा का ये मानना रहा कि ये सब गलत तरीके से फंसाए गए निर्दोष लोग हैं.

झारखंड के रामगढ़ में पिछले साल 29 जून को मीट का कारोबार करने वाले अलीमुद्दीन की वैन में मीट को बीफ यानी गोमांस बताकर लोगों ने घेरकर मार डाला. इस मामले पर तब काफी हंगामा हुआ था और सरकार के निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही परिवार ने अलीमुद्दीन का शव लेकर उसे दफनाया था. पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद 11 लोगों को आरोपी बनाकर जेल भेजा जिसमें भाजपा के नेता भी शामिल थे. निचली अदालत ने मार्च में इन 11 गौ रक्षकों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इनमें 8 लोगों को झारखंड हाईकोर्ट से 30 जून को जमानत मिली और वो जेल से छूटे हैं.

रामगढ़ मॉब लिंचिंग केस के 8 आरोपियों के जमानत पर बाहर आने पर केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया और भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया. पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने रामगढ़ में विजय जुलूस निकालने का ऐलान किया है. सरकार का मंत्री अगर मॉब लिंचिंग के आरोपियों का जेल से छूटने पर माला पहनाकर स्वागत करे तो राजनीतिक पारा गर्माना ही है.

झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सोरेन ने कहा है कि ये एक संवेदनशील मामला है और जो जयंत सिन्हा ने किया है वो एक मंत्री को शोभा नहीं देता. झारखंड के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार ने एक कदम आगे बढ़कर कहा कि चूंकि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य की रघुवर दास सरकार वादें पूरा करने में नाकाम रही है तो भाजपा के नेता सांप्रदायिक उन्माद फैलाने में लगे हैं.

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