नई दिल्ली. पाकिस्तान के विदेश मंत्री मखदूम शाह महमूद कुरैशी संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में चल रहे सत्र में भारत के खिलाफ अपने देश के अभियान को आगे बढ़ाने के लिए जिनेवा में उतरे. उन्होंने कहा- पाकिस्तान चाहता है कि संयुक्त राष्ट्र का निकाय या तो एक तत्काल बहस के लिए सहमत हो या कश्मीर में मानवाधिकार की स्थिति पर एक प्रस्ताव पारित करे जो उसकी धारणा और एजेंडे पर बैन लगाए. मंगलवार को कुरैशी ने ट्वीट करके भी कहा था कि कश्मीर में भारत द्वारा अत्याचार हो रहा है. हालांकि जेनेवा में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को फिर से मुंह की खानी पड़ रही है.

जिनेवा में भारत पाकिस्तान द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का खंडन करेगा और पाक को कश्मीर मुद्दे से फिर बेदखल करेगा. विदेश मंत्री मखदूम शाह महमूद कुरैशी सोमवार को तीन दिवसीय यात्रा पर जिनेवा पहुंचे, जहां उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 42 वें सत्र में भाग लिया. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को शर्मिंदा करने के लिए पाकिस्तान के दो पिछले प्रयासों और पीएम इमरान खान के प्रयासों के दौरान केवल 14:1 वोट का समर्थन मिला था. पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बंद दरवाजे चर्चा को एक राजनयिक जीत के रूप में प्राप्त करने का कदम उठाया था.

इस मामले को लेकर पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कहा मैं विशेष रूप से जिनेवा में UNHCHR के बयान का स्वागत करता हूं. मैं संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का आह्वान करता हूं कि वह आईओजे और कश्मीर में मानवाधिकारों के हनन की जांच के लिए तुरंत यूएनएचसीएचआर की दो रिपोर्टों की सिफारिश के अनुसार इंडीप (स्वतंत्र) जांच आयोग गठित करें और अब कार्रवाई का समय आ गया है. प्रधानमंत्री इमरान खान 74 वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय अत्याचारों को उजागर करने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें उनका भाषण 27 सितंबर को होगा.

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