नई दिल्ली. आधार के डाटाबेस में एक सॉफ्टवेयर की मदद से सेंध लगाए जाने की खबरों को UIDAI ने बेबुनियाद बताया है. UIDAI ने बयान जारी कर कहा कि कुछ लोग जानबूझकर लोगों के मन में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. आधार का डेटा बिल्कुल सेव है. इसे सेव करने से पहले जरूरी सिक्योरिटी इंतजामों को ध्यान में रखा जाता है. UIDAI ने स्पष्ट किया है कि कोई भी ऑपरेटर ना तो आधार अपडेट कर सकता है और ना ही बना सकता है. ये सब बेबुनियाद खबरें हैं जो जानबूझकर भ्रम फैलाने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं.

UIDAI ने कहा कि जब तक कोई व्यक्ति अपनी बायोमेट्रिक डिटेल नहीं देगा तब तक कोई भी उसका आधार कार्ड अपडेट नहीं कर सकता और ना ही बना सकता है. इसके अलावा यूआईडीएआई ने यह भी कहा कि UIDAI डाटाबेस वाले सिस्टम में समयानुसार सिक्योरिटी फीचर जोड़ती रहती है ताकि किसी भी नए खतरे से बचा जा सके. इसलिए यह पूरी तरह सेफ है और किसी सॉफ्टवेयर की मदद से इसमें सेंध लगाने की खबरें बेबुनियाद हैं.

बता दें कि हफिंगनपोस्ट डॉट कॉम ने तीन महीने चली इन्वेस्टिगेशन की रिपोर्ट के आधार पर कहा है कि एक सॉफ्टवेयर की मदद से आधार का डेटाबेस में सेंध लगाई जा सकती है. इसमें दावा किया गया है कि हैकर्स ने डेटाबेस में सेंध लगा ली है और वे आधिकारिक आधार एनरोलमेंट सॉफ्टवेयर के सिक्योरिटी फीचर को बंद कर अनाधिकृत आधार जेनरेट कर रहे हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि यह सॉफ्टवेयर सिर्फ 2500 रुपये में उपलब्ध है और व्हाट्सएप के जरिए इसकी खरीद फरोख्त धड़ल्ले से हो रही है.

खतरे में आधार कार्ड का डेटाबेस, 2500 रुपये का सॉफ्टवेयर कर सकता है हैक- रिपोर्ट

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