Sunday, December 4, 2022

उदयपुर हत्याकांड: राज्यवर्धन राठौर बोले- नपुसंक कांग्रेस सरकार की वजह से जिहादियों के बढ़ हौसले

उदयपुर हत्याकांड:

जयपुर। राजस्थान के जयपुर में एक हिंदू दर्जी की बर्बर हत्या पर भाजपा नेता राज्यवर्धन सिंह राठौर ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की नपुंसक सरकार है। 3.5 साल हो गए और इन्होंने जो काम किए हैं उसके कारण ही आज जिहादियों के हौसले बुलंद हैं। ये एक अकेली घटना नहीं है अनेकों घटनाएं इंतजार कर रही हैं।

आपसी खीचतान की वजह से जनता पिस रही है

राठौर ने आगे कहा कि राजस्थान सरकार हाथ बांध के सिर्फ अपनी कुर्सी बचाकर बैठी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मानसिक रूप से दिल्ली में रहते हैं और अंदरूनी खींचतान के कारण जनता पिस रही है। जब राजस्थान में लॉ एंड ऑर्डर है ही नहीं तो ऐसे ही लोगों के हौसले बढ़ते हैं।

सर कलम करने का कानून कुरान में नहीं

आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि आज सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या हमारे बच्चों को ईश-निंदा करने वालों का सर कलम करना पढ़ाया जा रहा है? मुस्लिम क़ानून कुरान से नहीं आया है, वह किसी इंसान ने लिखा है जिसमें सर कलम करने का क़ानून है और यह क़ानून बच्चों को मदरसा में पढ़ाया जा रहा है।

जितनी भी निंदा की जाए वो कम है- अखिलेश

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर ट्वीट कर लिखा कि उदयपुर में जो उन्मादी हत्या हुई है उसकी जितनी भी निंदा की जाए वो कम है। आज समाज के हर एक व्यक्ति को आगे आकर देश के भाईचारे को नफ़रत की भेंट चढ़ने से बचाना होगा।

हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए- केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के पूर्व संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना की निंदा करते हुए अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से लिखा कि उदयपुर की वारदात बेहद भयावह और वीभत्स है। ऐसे नृशंस कृत्य का सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है। हम इसकी बर्बरता की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। इस वारदात को अंजाम देने वाले हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

सभ्य समाज में कोई जगह नहीं- उमर अब्दुल्ला

जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर लिखा कि ये सीधे तौर पर हत्या है। सभ्य समाज में इसकी कोई जगह नहीं है। अधिकारियों को इस मामले की तह तक जाकर इन पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

India Presidential Election: जानिए राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी ये 5 जरुरी बातें

Latest news