नई दिल्ली: संसद में ट्रिपल तलाक बिल को पास कराने की सरकार की ख्वाहिश अधूरी रह गई. लोकसभा में तो सरकार ने संख्याबल के आधार पर तीन तलाक बिल पास करा लिया लेकिन राज्यसभा में विपक्ष ने तीन तलाक बिल को पास नहीं होने दिया. विपक्ष लगातार इस बिल को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग पर अड़ा रहा और सराकार की लाख कोशिशों के बावजूद राज्यसभा से तीन तलाक बिल पास नहीं हो सका और अब बजट सत्र तक ये बिल लटक गया है. एक तरफ सरकार ने इस बिल को पास कराने के लिए पूरी ताकत लगा दी वहीं कांग्रेस और विपक्ष ने भी एकजुट होकर सरकार के मंसूबों पर पानी फेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

विपक्ष लगातार ये सवाल उठाता रहा है कि अगर तीन तलाक देने के बाद पति को जेल हो जाती है तो वो अपनी पत्नी को गुजारा भत्ता कैसे दे सकेगा?  इससे पहले तीन तलाक बिल को लकेर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने अपने-अपने सांसदों को व्हिप जारी कर लोकसभा और राज्यसभा में उपस्थित रहने को कहा. 

बहरहाल शीतकालीन सत्र समाप्त हो चुका है और अब सरकार को बजट सत्र का इंतजार है जोकि 2 जनवरी से शुरु होगा. 1 फरवरी को राष्ट्रपति का अभिभाषण है फिर 9 फरवरी तक बजट सत्र का पहला हिस्सा चलेगा. इसके बाद 10 फरवरी से लेकर 4 मार्च तक ब्रेक रहेगा और फिर 5 मार्च से 6 अप्रैल तक दूसरा हिस्सा चलेगा. सरकार की पूरी कोशिश होगी कि बजट सत्र में तीन तलाक बिल को पास करा सके. इस दौरान सरकार बिल के सभी पहलूओं पर विपक्ष को मनाने की कोशिश कर सकती है.

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