नई दिल्ली. राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे को लेकर ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और एस सुधाकर रेड्डी की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) ने चुनाव आयोग से गुहार लगाई है. टीएमसी और सीपीआई ने चुनाव आयोग से निवेदन किया है कि साल 2024 लोकसभा चुनाव तक उनसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा वापस लेने का कोई फैसला न किया जाए. दरअसल हाल ही में लोकसभा चुनाव 2019 के खत्म होने बाद 19 जून को चुनाव आयोग ने टीएमसी और सीपीआई से पूछा था कि क्यों उनके दल का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा वापस लिया जाए.

चुनाव आयोग को जवाब में तृणमूल कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने कहा कि उनसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा वापस लेने की प्रकिया पर साल 2024 में आयोजित होने वाले लोकसभा चुनाव तक कोई रिवीयू न किया जाए.

दरअसल निर्वाचन प्रतीक आदेश, 1968 के अनुसार, किसी भी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा तभी मिलता है जब पार्टी के उम्मीदवार लोकसभा या विधानसभा चुनाव में चार से अधिक राज्यों में कम से कम 6 फीसदी वोट हासिल करें. साथ ही पार्टी के लोकसभा में कम से कम चार सांसद होने चाहिए. और कुल लोकसभा सीटों की कम से कम दो फीसदी सीट होनी चाहिए जिसके उम्मीदवार कम से कम तीन अलग राज्यों से होने चाहिए.

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