नई दिल्ली. भारत सरकार के विज्ञान मंत्रालय के तहत विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा स्थापित वैज्ञानिकों के तीन सदस्यीय पैनल ने यह अनुमान लगाया है कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर इस साल जुलाई तक थम सकती है और करीब छह से आठ महीनों में महामारी की तीसरी लहर आने की आशंका है। इसको लेकर भारत सरकार को अलर्ट कर दिया गया है।

पैनल के एक सदस्य और आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, केरल, सिक्किम, उत्तराखंड, गुजरात, हरियाणा के अलावा दिल्ली और गोवा जैसे राज्य में पीक आ चुका है. तमिलनाडु 29 से 31 मई और पुडुचेरी में 19-20 मई को पीक आ सकता है।

आएगी तीसरी लहर

वैज्ञानिकों ने कहा कि छह से आठ महीने में तीसरी लहर आने की उम्मीद है. आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि यह स्थानीयकृत होगा और बहुत से लोग प्रभावित नहीं होंगे क्योंकि वे टीकाकरण की जद में आ चुके होंगे. उन्होंने कहा कि कम से कम अक्टूबर 2021 तक तीसरी लहर नहीं आएगी।

बच्चे होंगे प्रभावित

तीसरी लहर की आने की आशंका के बाद अब ये भी एक अहम बात निकलकर सामने आई है कि इसमें ज्यादातर बच्चे प्रभावित होंगे। देश के टॉप वायरोलॉजिस्ट डॉ. रवि के मुताबिक तीसरी लहर में बच्‍चों के चपेट में आने की ज्‍यादा आशंका है। इसलिए पहले से तैयारी कर लेना जरूरी है। उन्होंने कहा है कि जो इम्‍यून नहीं हैं, वायरस उन्‍हें पकड़ेगा। बड़ों को वैक्‍सीन मिल रही है। लेकिन, बच्‍चों के लिए वैक्‍सीन नहीं है। इस पर ट्रायल जारी है। इसमें तीन से 4 महीने का वक्‍त लगेगा। देश में अभी करीब 30 करोड़ बच्‍चे हैं। इनमें से एक फीसदी बच्‍चे भी इंफेक्‍ट हुए तो तकरीबन 3 लाख बच्‍चों पर असर पड़ेगा।

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