नई दिल्ली. सामाजिक कार्य़कर्ता स्वामी अग्निवेश ने एक बयान में कहा है कि मॉब लिंचिंग करने वाले लोगों के साथ आतंकवादियों जैसा बर्ताव किया जाना चाहिए. स्वामी अग्निवेश ने मांग की है कि मॉब लिंचिंग के आरोपियों पर यूएपीए के तहत आतंकवाद निरोधक कानून मुकदमा चलाया जाना चाहिए. गौरतलब है कि पिछले महीने झारखंड के पाकुड़ में भगवा समूहों के सदस्यों ने कथित तौर पर स्वामी अग्निवेश पर हमला कर दिया था. स्वामी अग्नवेश ने आरोप लगाया कि 17 जुलाई को उन पर हुए हमले पर झारखंड पुलिस किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रही है. अग्निवेश ने कहा है कि वे पूरा घटाना की एसआईटी जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे.

खुद पर हुए हमले को लेकर अग्निवेश ने कहा कि ये तो साफ है कि मुझ पर उच्च स्तर से मिले आदेशों के कारण हमला किया गया. उन्होंने कहा कि इस घटना में केंद्र और बीजेपी की सरकारें शामिल हैं. स्वामी अग्निवेश ने कहा कि ‘15 दिनों बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है जबकि आरोपियों की पहचान भाजपा सहित भगवा संगठनों के सदस्यों के तौर पर हुई है. यह स्पष्ट है कि आरोपियों ने उच्चतर स्तर पर मिले आदेशों से मुझ पर हमला किया. केंद्र और झारखंड की भाजपा सरकारें इसमें संलिप्त हैं.’

इसके अलावा स्वामी अग्निवेश ने कहा कि इस माह वे लुधियाना और सहारनपुर के साथ ही केरल के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेंगे. जिससे की वे मॉब लिंचिंग का साथ साथ दलितों, अल्पसंख्यकों और आदिवासियों के खिलाफ अत्याचारों के विरूद्ध होने वाले प्रदर्शनों को मजबूती प्रदान कर सकें.

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