नई दिल्ली. देश की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज हमारे बीच नहीं रहीं. मंगलवार रात सवा ग्यारह बजे उन्होंने दिल्ली के एम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली. पूरा देश शोकाकुल है और हर कोई उन्हें अपने तरीके से याद कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में सुषमा स्वराज विदेश मंत्री थीं. कैबिनेट का मुखिया आप जानते हैं प्रधानमंत्री होता है. लेकिन नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद साल 2014 में उन्हें संयुक्त राष्ट्र में भाषण देना था. नरेंद्र मोदी और सुषमा स्वराज दोनों ही उस दौरे पर साथ ही गए थे. लेकिन इस दौरे पर कुछ ऐसा हुआ जिससे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बहस हो गई. यह बहस आधे घंटे तक चलती रही लेकिन आखिरकार नरेंद्र मोदी को हारकर सुषमा स्वराज की बात माननी पड़ी. इस किस्से का जिक्र खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार को दिए इंटरव्यू में किया था.

अक्षय कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2019 लोकसभा चुनावों से पहले एक इंटरव्यू किया था जो काफी देखा गया. इसी इंटरव्यू में अक्षय कुमार पीएम मोदी से सवाल पूछते हैं कि प्रधानमंत्री बनने के बाद जब आप पहली बार अमेरिका गए और यूनाइटेड नेशंस में भाषण देना था तो क्या मेरे प्रधानमंत्री नर्वस थे? अक्षय के सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि मेरी समस्या नवर्सनेस की नहीं है बल्कि ओवरकॉन्फिडेंस की है. इसके आगे का किस्सा बताते हुए पीएम मोदी कहते हैं,” मैं जब अमेरिका पहुंचा तो मैंने अधिकारियों से ब्रीफिंग भी ली. सुषमा स्वराज की मीटिंग ज्यादा होती थी इसलिए वो मुझसे पहले वहां पहुंच गईं.”

जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की वाजिब जिद के आगे हारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
पीएम मोदी आगे कहते हैं, “जिस दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा में मेरा भाषण होने वाला था उसी दिन सुषमा जी ने मुझसे पूछा कि आपका भाषण कहां है? मैंने कहा कि कर लेंगे भाषण तो यहां होता है (दिमाग की ओर इशारा करते हुए). लेकिन वो अड़ गईं कि ऐसे नहीं चलता, लिखित भाषण होना चाहिए. मैंने कहा कि मैं तो हमेशा ऐसे ही करता हूं. तो उन्होंने कहा कि नहीं साहब यहां आपकी नहीं चलेगी. लिखित भाषण तो होना ही चाहिए. करीब आधे घंटे हमारी बहस हुई लेकिन वो नहीं मानीं. मैंने कहा ठीक है मुझे यह सब बोलना है, मुझे जो भी बोलना था मैंने बताया और कहा कि आप इसके हिसाब से भाषण तैयार करा दीजिए. इसके बाद भाषण तैयार हुआ. अब मेरा थॉट प्रोसेस इतना तेज चलता है कि मुझे लिखा हुआ भाषण पढ़ने में बहुत दिक्कत होती है . आप अगर देखेंगे मेरे भाषण को तो मेरे हाथ में कागज है और मैं पढ़ कर भाषण दे रहा हूं जबकि अमूमन मैं ये नहीं करता.”

इस इंटरव्यू को देखने के बाद सुषमा स्वराज ने किया था यह ट्वीट

सुषमा स्वराज ने यह इंटरव्यू देखने के बाद ट्वीट किया,” प्रधानमंत्री जी, 2014 की बात आपको जस की तस याद रही और अक्षय कुमार जी को इंटरव्यू देते समय आपने उसका उल्लेख किया. यह आपका बड़प्पन है. मैं हृदय से आपकी आभारी हूं.” सुषमा स्वराज जैसी निर्भीक और इमान की बात डंके की चोट करने वाली नेता का हमारे बीच से चले जाना एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो पाएगी.

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4 responses to “Sushma Swaraj Narendra Modi Bonding: जब अमेरिका में सुषमा स्वराज की जिद के आगे पीएम नरेंद्र मोदी की एक नहीं चली”

  1. सुषमा जी बहुत ही अच्छी मंत्री थीं और उन्होंने बहुत ही अच्छे काम करे हैं सुषमा स्वराज जी के निधन का मुझे बहुत ही दुःख है हम भगवान से प्रार्थना करते हैं उनकी आत्मा को शान्ति दें दिल से सत सत नमन
    जय हिंद

  2. सुषमा स्वराज का आज पूरे देश को बहुत
    दुख है।और हम भगवान से प्रार्थना करते कि भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।
    जय हिंद, उनको सुलूट करते है।

  3. आधुनिक भारत की राजनीति में इनके जैसी विद्वान, विदूषी एवं राजनीतिज्ञ महिला आज तक नहीं हुई है। सुष-माॅं जी विश्व भर की महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत थी, मेरा तो विचार है कि वह ‘‘महिला सशक्तिकरण‘‘ का एक जीवंत उदाहरण थी।

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