नई दिल्ली: सुशांत सिंह राजपूत केस में मुंबई पुलिस एक के बाद एक कई खुलासे कर रही है. इस बीच मुंबई पुलिस के कमिश्नर परमबीर सिंह ने कहा कि सुशांत ने सुसाइड से पहले गूगल पर कई चीजें सर्च की थी. मुंबई पुलिस के मुताबिक सुशांत ने सुसाइड से पहले बाइपोलर डिसॉर्डर, स्तिजोफ्रेनिया, पेनलेस डेथ यानी दर्दरहित मौत और अपना नाम सर्च किया था. बाइपोलर डिसॉर्डर और स्तिजोफ्रेनिया गंभीर मानसिक बीमारियां हैं जिसके अक्सर घातक परिणाम सामने आते हैं.

मुंबई पुलिस के कमिश्नर परमबीर सिंह ने बताया कि जब सुशांत का नाम दिशा सालियान केस में सामने आया था तो वो काफी डिस्टर्ब महसूस कर रहे थे.
उन्होंने आगे कहा कि सुशांत दिशा से केवल एक बार मिले थे. उन्होंने दिशा के वकील को मैसेज भी किया था कि आखिर इस मामले में उनका नाम क्यों घसीटा जा रहा है? पुलिस जांच बताती है कि सुशांत की गूगल सर्च हिस्ट्री बताती है कि उन्होंने दर्दरहित मौत, बाइपोलर डिस, स्तिजोफ्रेनिया और अपने नाम को गूगल पर सर्च किया था. यानी सुशांत को अपने आखिरी समय में भी यही चिंता थी कि उनके बारे में क्या खबर चल रही है और लोग उनके बारे में क्या सोच रहे हैं?

सुशांत का इलाज कर रही थेरेपिस्ट के मुताबिक सुशांत मानसिक बीमारी से जूझ रहे थे और उस दौरान रिया उनके साथ मजबूती के साथ खड़ी थी लेकिन सुशांत के जीजा विशाल ने ब्लॉग लिख थेरेपिस्ट और रिया के दावों पर सवाल खड़े कर दिए थे. विशाल ने अपने ब्लॉग में लिखा था कि किसी थेरेपिस्ट द्वारा अपने क्लाइंट की मेडिकल हिस्ट्री पब्लिक में बताया उसके क्लाइंट की प्राइवेसी का हनन है बल्कि कानूनन अपराध भी है. उन्होंने कहा था कि महज 3-4 महीनों में और कुछ अपॉइन्टमेंट्स के सहारे ये थेरेपिस्ट सुशांत की मेंटल हेल्थ को लेकर इस तरह के दावे नहीं कर सकती हैं कि वो बीमार थे या डिप्रेशन में थे.

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