नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को राजधानी में कचरा निस्तारण के मुद्दे पर गंभीर न होने के लिए कड़ी फटकार लगाई है. दरअसल उपराज्यपाल सफाई से सम्बंधित मीटिंग में न खुद आये ना ही कोई नुमाइंदा भेजा. ऐसे में  जस्टिस एमबी लोकूर ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि – और आप कहते हैं कि आपको पास पावर है, आप सूपर मैन हैं. कोर्ट ने कहा कि एलजी को सही से काम न होने पर दिशा निर्देश देने चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एलजी म्यूनिसिपल कारपोरेशन पर अपनी पावर का दावा करते हैं लेकिन दिल्ली के कचरे को लेकर कोई एक्शन नहीं लेना चाहते. कोर्ट ने कहा कि स्वास्थ मंत्री द्वारा बुलाई गई मीटिंग में न पहुंचने पर एलजी कहेंगे की बैठक आधिकारिक व्यक्ति द्वारा नहीं रखी गई है. आप इसकी जिम्मेदारी भी नहीं लेते और कुछ करना भी नहीं चाहते.

एलजी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा गया कि कचरा प्रबन्धन के लिए निगम जिम्मेदार है. इसपर कोर्ट ने कहा कि हलफनामे में एलजी  ने अधिकार और ज़िम्मेदारी की बात की है. कचरे और साफ सफाई के मामले में उनकी जिम्मेदारी है या नहीं? हां या ना? सरकार की ओर से एएसजी पिंकी आनन्द ने कहा- हां! एलजी  को डायरेक्शन जारी करने का अधिकार 487 के तहत है – कोर्ट ने पूछा कितने निर्देश जारी किए? कोर्ट ने पूछा -एक्शन की टाइमलाइन बताएं – 25 मीटिंग हुई 50 कप चाय पी इसका हमारे लिए कोई मतलब नहीं. आप एलजी  हैं, आपने मीटिंग की हैं. टाइमलाइन और स्टेटस रिपोर्ट दें.

16 जुलाई को अगली सुनवाई है और कोर्ट ने एलजी ऑफिस को हलफनामा दाखिल करने कहा है कि ठोस कचरे के निपटारे के लिए क्या कदम उठाए गए हैं.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शुक्रवार को होगी सीएम अरविंद केजरीवाल और एलजी अनिल बैजल की मीटिंग

नहीं सुलझा सीएम अरविंद केजरीवाल और एलजी अनिल बैजल का पावर वॉर, मनीष सिसोदिया बोले- सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं मान रहे अफसर

 

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