नई दिल्ली. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव को गुरुवार को बड़ी राहत मिली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि एजेंसी को पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के मामले में तेज प्रताप के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि तेज प्रताप यादव और मोहम्मद कैफ के साथ फोटोग्राफ को लेकर कोई केस नही बनता. सीबीआई ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमृर्ति डी.वाई चंद्रचूड़ की पीठ को बताया कि दो आरोपियों मोहम्मद कैफ और जावेद के खिलाफ जांच चल रही है.

सीबीआई ने यह बयान पत्रकार की विधवा आशा रंजन की याचिका पर दिया है. याचिका में बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप के खिलाफ जांच की मांग की गई थी. अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए उन्हें बाद में किसी भी समय तेज प्रताप के खिलाफ कुछ भी मिलने पर पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की अनुमति दी है. राजदेव रंजन की 13 मई 2016 को कार्यालय से लौटते समय सीवान जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

लोकसभा के बाद राज्य सभा में भी पास हुआ ग्रेच्युटी बिल, 20 लाख तक होगा टैक्स फ्री

पीएम नरेंद्र मोदी की राह पर योगी आदित्यनाथ, यूपी सरकार ने खत्म किए 252 गैरजरूरी कानून

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App