नई दिल्ली. लोकपाल की नियुक्ति के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा है कि हम समय कोई आदेश नहीं देंगे और उम्मीद है कि सरकार जल्द ही लोकपाल की नियक्ति करेगी. अब इस मामले की सुनवाई 15 मई को होगी. इस मामले पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि 10 अप्रैल को हुए नियुक्त कमिटी की मीटिंग में एमिनेंट जूरिस्ट को लेकर सिफारिश कर दी गई है. 

केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा कि नामचीन हस्ती की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया जारी है. वहीं कॉमन कॉज की ओर से प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार जानबूझकर नियुक्ति को लटका रही है. पिछली सुनवाई में केंद्र ने कहा था कि लोकपाल की नियुक्ति को लेकर मीटिंग हुई. केंद्र ने कहा सबसे पहले एमिनेंट जूरिस्ट की नियुक्ति करेंगे. डीओपीटी ने सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल किया. 1 मार्च की मीटिंग के बारे में भी बताया. हालांकि इस मीटिंग में मल्लिकार्जुन खड़गे नहीं गए थे.

आपको बता दें कि लोकपाल बिल को 13 दिसंबर, 2013 को राज्यसभा में पेश किया गया था, जो 17 दिसंबर, 2013 को पारित हो गया था. इसके बाद 18 दिसंबर, 2013 को लोकसभा ने भी इस बिल को पास कर दिया था. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रहा है. इस याचिका में लोकपाल की नियक्ति न करने पर केंद्र पर अवमानना के तहत कार्रवाई और लोकपाल की नियुक्ति की मांग की गई है.

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