लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी ( बसपा) सुप्रीमो मायावती  और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव लखनऊ को गोमती नगर में होटल ताज में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीटों को लेकर सपा और बसपा का गठबंधन हो गया है. यूपी में दोनों पार्टी 38-38 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी और प्रदेश की दो सीट रायबरेली और अमेठी को कांग्रेस के लिए छोड़ दिया है.  इस पूरी कॉन्फ्रेंस में मायावती और अखिलेश ने बीजेपी की सरकार पर जमकर हमला बोला है. 

बता दें कि सपा-बसपा के बीच 26 साल बाद गठबंधन हुआ है, साल 1993 से 1995 तक उत्तर प्रदेश में दोनों दलों की गठबंधन सरकार थी और बीजेपी और कांग्रेस को धूल चटाई थी. अब यह गठबंधन यहीं नहीं खत्म होगा उत्तर प्रदेश के में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव में सपा-बसपा का गठबंधन कायम रहेगा. मायावती ने इस गठबंधन को लेकर कहा- गेस्ट हाउस कांड को किनारे करके देश हित और जन हित में हम सपा से गठबंधन कर रहे हैं. अखिलेश ने भी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सपा का हर कार्यकर्ता आज से यह मान ले कि मायावती जी का सम्मान, मेरा सम्मान है. उनका अपमान, मेरा अपमान होगा.

वहीं साल 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक सीटे जीती थीं, प्रदेश की 80 में से 71 लोकसभा सीटों पर भगवा झंडा लहराया था. इसके बाद समाजवादी पार्टी (एसपी) के खाते में 5 और कांग्रेस के खाते में दो और अपना दल के खात में सीटें आईं थी. साल 2014 में लोकसभा के चुनावों में अजित सिंह अपनी एक भी सीट नहीं बचा पाए थे. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मायावती की पार्टी बसपा अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी. 

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