नई दिल्ली: संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने 9 मार्च 2018 को कहा कि भविष्य में नेहरू-गांधी परिवार से बाहर का सदस्य पार्टी का अध्यक्ष बन सकता है. कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि वर्ष 2004 में उन्होंने मनमोहन सिंह का प्रधानमंत्री के रूप में चयन इसलिए किया था क्योंकि वह इस पद के लिए उनसे बेहतर उम्मीदवार थे. एक समारोह में यह पूछे जाने पर कि क्या उनके परिवार के बाहर का कोई सदस्य कांग्रेस अध्यक्ष बन सकता है, इस बात पर सोनिया गांधी ने जवाब देते हुए कहा कि “क्यों नहीं, भविष्य में ऐसा हो सकता है.

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस अपने नेता के तौर पर एक गांधी के बिना आगे बढ़ सकती है, उन्होंने कहा कि यह प्रश्न कांग्रेस कार्यकर्ताओं के समक्ष रखा जाना चाहिए. सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस में एक परंपरा है और नेताओं का चयन लोकतांत्रिक तरीके से किया जाता है, उन्होंने अमेरिका में बुश परिवार और क्लिंटन परिवार और भारत के कई राज्यों में वंशवाद का उदाहरण देते हुए बताया.

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह पार्टी को जोड़े रखने वाली ग्लू हैं? तो इस बात पर सोनिया गांधी मुस्कुराते हुए बोलीं और कहा, “यह काफी मुश्किल प्रश्न है, कई कांग्रेस नेता हैं, आप उनसे पूछ सकते हैं. जब सोनिया गांधी से पूछा गया कि वह प्रधानमंत्री क्यों नहीं बनीं, तो उन्होंने इस सवाल के जवाब में कहा, क्योंकि मुझे लगा कि डॉ. मनमोहन सिंह मुझसे बेहतर प्रधानमंत्री होंगे.

सोनिया गांधी ने इस बात को खारिज कर दिया कि मनमोहन सिंह भले प्रधानमंत्री रहे हों लेकिन सत्ता उन्हीं के (सोनिया के) हाथ में रही, उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ऐसी कोई भी स्थिति थी. उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का फैसला उन्होंने तब लिया जब उन्होंने देखा कि कांग्रेस मुश्किल दौर से गुजर रही है. सोनिया गांधी ने कहा, “कुछ लोग कांग्रेस छोड़ रहे थे, मुझे सच में यह महसूस हुआ कि मैं एक तरह से कायर होऊंगी अगर मैं पार्टी के लिए कुछ करने की कोशिश न करूं.

सोनिया गांधी का केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना, कहा- 2019 में BJP को सत्ता में वापस नहीं आने देंगे

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App