नई दिल्लीः  1966 में जब इंदिरा नेहरू की एक्जीबीशन के लिए लंदन गईं, तो राजीव ने सोनिया के बारे में पहली बार बताया, अगले दिन वो सोनिया से मिलीं..उन्हें सोनिया पसंद आई, संडे 25 फरवरी 1968 को शादी हुई, तब इंदिरा पीएम थीं. 1 सफदरजंग रोड आवास में रहती थीं, वहीं शादी हुई हालांकि मेंहदी हरिवंश राय बच्चन के घर हुई, पता था 13 विलिंगडन स्ट्रीट. शादी के बाद रिसेप्शन हैदराबाद हाउस में रखा गया था.

गांधी परिवार से अमिताभ बच्चन के रिश्ते भले ही आज नदी के दो किनारों की तरह लगते हैं लेकिन एक वक्त था जब बच्चन परिवार गांधी परिवार का बड़ा करीबी समझा जाता था. यहां तक कि हरिवंश राय बच्चन गिने चुने कुछ बुद्धिजीवियों में से थे जिन्होंने इमरजेंसी का मूक समर्थन किया था. कई लोगों ने ये तक दावा किया है कि अमिताभ की पहली फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ के डायरेक्टर ख्वाजा अहमद अब्बास और नरगिस को अमिताभ की मदद करने के लिए इंदिरा गाधी ने लैटर लिखा था. जब राजीव गांधी ने सोनिया के साथ अफेयर करने के बाद शादी करने की योजना बनाई तो सोनिया को कुछ समय पहले ही दिल्ली बुला लिया. तेजी बच्चन से इंदिरा गांधी की काफी करीबियां थीं, ये भी कहा जाता है कि तेजी बच्चन ने ही सोनिया और राजीव के अफेयर की खबर सबसे पहले इंदिरा गांधी को दी थी.

ये 1968 की बात है, सोनियां को दिल्ली बुलाने का फैसला तो कर लिया गया था लेकिन अब दिक्कत हो गई कि सोनिया को रखा कहां जाए. चूंकि शादी दो महीने बाद होनी थी और सोनिया की फैमिली इटली से भारत नहीं आ रही थी. ऐसे में मुश्किल हो गई, चूंकि ना तो सोनिया को किसी होटल मे इतने दिनों ठहराया जा सकता था और ना ही अपने घर में रखा जा सकता था. क्योंकि भारत में शादी से पहले लड़की लड़के के घर में आकर नहीं रहती थी, वैसे भी इंदिरा को मीडिया की भी चिंता थी, बात का बतंगड़ बन जाता. ऐसे में इंदिरा गांधी को बच्चन परिवार की याद आई, उन्होंने हरिवंश राय बच्चन से बात कर सोनिया को दिल्ली में ही उनके घर भेज दिया. सोनिया वहां दो महीने रहीं. उस वक्त बच्चन परिवार 13 विलिंगटन क्रीसेंट में रहता था.

इतने दिनों में अमिताभ की मां तेजी बच्चन ने उन्हें साड़ी पहनना और कुछ भारतीय रीति रिवाजों के बारे में बताया. हरिवंश राय बच्चन ने उन दिनों के बारे में अपनी आत्मकथा दशद्वार से सोपान तक में लिखा है, ”हमारे आत्मीयतापूर्ण व्यवहार से सोनियां इतनी प्रभावित हुईं कि उसने तेजी से धर्म की मां और अमित (अमिताभ) और बंटी (अजिताभ) से धर्म के भाई का रिश्ता जोड़ लिया था.” राजीव की शादी में भाग लेने के लिए अमिताभ कोलकाता से आए थे और अजिताभ मद्रास से. कहा तो ये तक जाता है कि जब सोनिया संग राजीव की शादी हुई तो सोनिया के परिवार की गैरमौजूदगी में उसका कन्यादान भी अमिताभ के माता पिता ने ही किया था.

दोनों परिवारों के रिश्ते इतने बेहतर थे कि एक बार जब एयरइंडिया ने एक नई फ्लाइट शुरू की न्यूयॉर्क और लंदन के लिए तो कुछ जाने माने लोगों को पहली ही फ्लाइट में फ्री में जाने का मौका मिला तो तेजी बच्चन चली गईं. न्यूयॉर्क, लंदन होते हुए जब वो रोम आईं, तो सोनिया गांधी के परिवार ने तेजी की बड़ी आवाभगत की, पूरा रोम उन्हें घुमाया. हरिवंश राय बच्चन ने इसका उल्लेख अपनी बायोग्राफी में किया भी है. अरसे तक इंदिरा गांधी का परिवार और बच्चन परिवार एक दूसरे से लगे बंगलों में ही रहते थे, गांधी परिवार 12 विलिंगडन क्रीसेंट में रहता था और बच्चन परिवार 12 विलिंगडन क्रीसेंट में. सोनिया गांधी ने तो दोनों बंगलों के बीच आने जाने के लिए एक रास्ता भी बना लिया था, जिसको लेकर बाद में गुप्तचर एजेंसियों ने ऐतराज भी किया था. इतने शानदार रिश्ते होने के बावजूद बोफोर्स केस में अमिताभ बच्चन का नाम भी आने पर ऐसे रिश्ते बिगड़े कि ना तो प्रियंका की शादी पर बच्चन परिवार था और ना अभिषेक की शादी में गांधी परिवार.

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