नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहली बार चीफ जस्टिस के खिलाफ चार वरिष्ठ जजों ने खुलकर मीडिया के सामने दीपक मिश्रा के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं. इन जजों में जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर, रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कुरियन जोसफ शामिल हैं. जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुप्रीम कोर्ट में जजों के मतभेद बाहर आने से पैदा हालात पर आपातकालीन चर्चा के लिए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को इमरजेंसी मीटिंग के लिए बुलाया है. चार सीनियर जजों की प्रेस कांफ्रेंस के बाद सोशल मीडिया पर रिएक्शन आने शुरु हो गए हैं. 

इस मामले में प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने ट्वीट कर लिखा है कि ‘आत्मा की आवाज़ पर देश के दूसरे सबसे बड़े न्यायाधीश के साथ 3 जज अगर सार्वजनिक रूप से दबाब-बेबसी का बयान कर रहे है तो ये हमारे महान लोकतंत्र के लिए बड़े ख़तरों का संकेत है.लहजे के जी-हुज़ूर से बाहर आने के पर Justice Chelameswar को बधाई.मन आशंकित और खिन्न है’

आईपीएस संजीव भट्ट ने भी इस मामले पर ट्वीट किया 

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने 4 सीनियर जजों की प्रेस कांफ्रेंस को हिस्टोरिक बताया है 

देश के प्रसिद्ध सुप्रीम कोर्ट के वकील ने भी इस मामले पर दी अपनी प्रतिक्रिया

लेख और आईआईटीयन सक्रांत सानु ने भी इस मामले पर दी प्रतिक्रिया  

देश के प्रसिद्ध इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है

वरिष्ठ पत्रकार प्रीतिश नंदी ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी

वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त ने भी चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर उठे सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होने जस्टिस गोगोई को अगला चीफ जस्टिस बनने के लिए तैयार बताया है. 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टी एस सिंह देव ने भी चीफ जस्टिस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है

वरिष्ठ पत्रकार सुशांत सिन्हा ने भी ट्वीट कर इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जजों की चिट्ठी पर सवाल पूछा है

 

 

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App