नई दिल्लीः आज हर किसी के पास स्मार्टफोन है, डेटा और कुछ खाली समय भी…ऐसे में फोन पर बिजी रहने की जरूरी हो या गैरजरूरी आदतें कहीं हमें गंभीर रूप से बीमार तो नहीं कर रहीं, ये सोचकर भी लोग उतने ही परेशान हैं. कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि यूजर 24 घंटे में कम दो घंटे स्मार्टफोन में बिजी रहते हैं. यहां एक बात बताना और जरूरी है कि ज्यादातर लोग झुककर फोन देखते रहते हैं, चाहे वे घर में हों, ऑफिस में हों, कार में हो या बस-मेट्रो में बैठे या खड़े हों. अमूमन अगर आपका सिर झुका नहीं है और सीधा है तो उसका भार 4 किलोग्राम होता है, लेकिन अगर उसे झुकाते जाते हैं तो आपके सिर का भार 27 किलोग्राम तक हो जाता है, जिसमें गले का भार भी शामिल होता है. अब मान लीजिए कि अगर आपके गले का भार ही इतना हो जाए तो आपके शरीर का संतुलन तो गड़बड़ होगा ही. ऐसे में आप कई शारीरिक समस्याओं से ग्रसित हो सकते हैं. साथ ही चलते या कार चलाते वक्त झुककर फोन देखने की आदत आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती है.

  1. 4 नहीं, 27 किलो का हो जाता है सिरः लोग अपने फोन से दूसरों को मेसेज भेजते समय 45 डिग्री से लेकर 60 डिग्री तक अपना सर झुका लेते हैं, इससे स्पाइन और शरीर के दूसरे मसल्स का भी भार सिर पर आ जाता है, इससे सिर का भार 22 किलोग्राम अतिरिक्त हो जाता है. हर दिन लोगों की इस आदत से स्पाइन पर जोर पड़ता जाता है और उसका असर बाद में स्माइनल प्रोब्ल्स के रूप में दिखता है.
  2. इस दर्द की दवा क्या है?: लगातार सिर झुकाकर स्मार्टफोन इस्तेमाल करने से सरदर्द की भी समस्या होती है. आंखों की रोशनी पर भी इसका असर पड़ता है. गले की हड्डियों पर जोर पड़ता है और इससे नसें डैमेज होने का खतरा बढ़ता है. ज्यादा समय तक स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों के फेफड़े की क्षमता भी अन्य लोगों की अपेक्षा घटती है.
  3. आंखों पर बहुत बुरा असरः अगर आप लगातार फोन देखते रहते हैं तो आपकी आंखें भी उसी छोटे स्क्रीन पर ज्यादा समय तक फोकस करती है, इसलिए जब आप स्क्रीन से नजरें हटाकर बाहर देखते हैं तो कुछ समय तक आपकी आंखे ठीक से पूरे दृश्य को फोकस नहीं कर पाती.
  4. हजारों मौत की वजहः विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में हर साल 68,000 पैदल यात्री सड़क हादसे में मारे जाते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि इनमें से एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की होती है, जो सड़क पर चलते वक्त भूल जाते हैं कि उन्हें आसपास भी देखकर चलना है. भारत में भी ऐसे हजारों मामले देखने को मिलते हैं. स्मार्टफोन इस्तेमाल करने के चक्कर में लोग लेट भी होते हैं.
  5. मनोवैज्ञानिक निर्भरता बढ़ गई हैः मालूम हो कि ज्यादा समय स्मार्टफोन में बिजी रहने की आदत का सबसे बड़ा कारण यह है कि लोगों की मनोवैज्ञानिक निर्भरता इसपर बढ़ गई है. लोगों को लगता है कि अगर उनके पास फोन नहीं होगा तो वो कुछ काम नहीं कर पाएंगे या अच्छे से नहीं कर पाएंगे. हर 5-10 मिनट पर लोगों की नजरें स्मार्टफोन पर पड़ती हैं कि कहीं से कोई कमेंट या आदेश तो नहीं आया.
  6. 5 अरब स्मार्टफोन यूजरः दुनियाभर में स्मार्टफोन यूजर की संख्या लगातार बढ़ रही है. इस साल दुनियाभर के स्मार्टफोन यूजर की संख्या 5 अरब से ज्यादा हो जाएगी. चीन और भारत के स्मार्टफोन युजर की संख्या दुनियाभर के समार्टफोन यूजर की आधी है.

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