नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सिख विदेशी नागरिकों की सूची जिनको प्रतिकूल यानी एडवर्स सूची में रखा गया था उसकी संख्या 314 से घटाकर 2 कर दी है. इस फैसले के पीछे गृह मंत्रालय का ये मानना है कि जिनका नाम इस सूची से हट गया है वो भारत आकर अपने परिवार से मिल सकेंगे और वीजा सर्विस का फायदा ले सकेंगे. बता दें कि 1980 के दशक में जब सिख आतंकवाद चरम पर था और विदेशों में भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा फैलाया जा रहा था, तब इन लोगों की संलिप्तता ऐसी गतिविधियों में पाई गई थी और ये सूची बनाई गई थी. 

बता दें कि इस सूची के लोग विदेशी नागरिक बन गए थे या विदेशों में शरण ले लिया था. अब सरकार ने सिख विदेशी नागरिकों से संबंधित प्रतिकूल सूची को 314 से घटाकर 2 कर दिया है. ऐसे सिख विदेशी नागरिकों के लिए भारत लौटने, अपने परिवार से मिलने और अपनी जड़ों से फिर से जुड़ने का मार्ग खुलेगा. भारत सरकार ने सिख समुदाय से संबंधित 314 विदेशी नागरिकों की प्रतिकूल सूची की समीक्षा की है और इसे घटाकर सिर्फ दो तक सीमित किया है. यह समीक्षा एक सतत, गतिशील और नियमित प्रक्रिया है.

1980 के दशक के दौरान, सिख समुदाय से संबंधित कई भारतीय नागरिक और विदेशी सिख भारत-विरोधी प्रचार के प्रभाव में आ गए. कुछ सिख भारतीय नागरिकों ने भारतीय कानून से बचने के लिए भारत के बाहर शरण ले ली और विदेशी नागरिक बन गए. ऐसे सिख नागरिकों को 2016 तक प्रतिकूल सूची में रखा गया था, जिस कारण वे भारत आने के लिए वीज़ा सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अयोग्य हो गए.

इसके अलावा, विदेशों में भारतीय मिशनों में स्थानीय प्रतिकूल सूचियों के चलते एक प्रमुख मुद्दा यह था कि ज़्यादातर सिख समुदाय के लोगों और उनके परिवार के सदस्यों को कांसुलर/वीज़ा सेवाएं लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता था. अब स्थानीय प्रतिकूल सूचियों की प्रथा को भी बंद कर दिया गया है.

विदेशों में सभी भारतीय मिशनों/पोस्टों को सलाह दी गई है कि सिख समुदाय के ऐसे व्यक्तियों और उनके परिवार के सदस्यों, जिनके नाम केंद्रीय प्रतिकूल सूची में शामिल नहीं हैं, को अन्य श्रेणियों के आवेदकों के लिए लागू होने वाली प्रक्रिया के अनुसार उचित वीज़ा प्रदान करें. सभी श्रेणियों के ऐसे व्यक्तियों के लिए, जो दीर्घकालिक वीज़ा के लिए योग्य हैं, भारत के प्रवासी नागरिक (ओसीआई) कार्डधारक पंजीकरण के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे. इसके लिए अनिवार्य है कि इन व्यक्तियों के पास दो साल की अवधि के लिए सामान्य भारतीय वीज़ा हो.

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