नई दिल्ली: सरकार ने कोरोना के चलते देशव्यापी लॉकडाउन को दो हफ्ते और बढ़ा दिया है. इस बीच लॉकडाउन की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूर, छात्र और पर्यटकों को निकालने के लिए सरकार ने ट्रेन चलाने का आदेश दिया है. गुरुवार से रेलवे ने प्रवासी मजदूरों और छात्रों को निकालने की मुहिम शुरू कर दी है. गुरुवार को कोटा और तेलंगाना से झारखंड के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई गई वहीं केरल से कर्नाटक के लिए भी ट्रेनें चलाई गईं जिसमें मजदूर और छात्रों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए उन्हें उनके गृह राज्य पहुंचाया गया. 

जिस तरह रेलवे ने लोगों को निकालने की मुहिम शुरू की है उससे देश के लाखों-करोड़ों लोगों को उम्मीद है कि वो भी अपने घर लौट पाएंगे. लेकिन आपको बता दें कि आप इन स्पेशल ट्रेनों में ऐसे ही नहीं जा सकते. आपको यदि इन ट्रेनों से जाना है तो पहले आपको रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. इसके बाद इन लोगों की एक लिस्ट तैयार की जाएगी और फिर इसी के अनुसार इसमें लोग सफर करेंगे. इन स्पेशल ट्रेनों से यात्रा के लिए प्रवासी मजदूरों और स्‍टूडेंट्स, और पर्यटकों को अपने गृह राज्य जाने के लिए आवेदन करना होगा. इसके लिए राज्य सरकार संबंधित राज्य में नोडल अधिकारी नियुक्त करेगी और नोडल ऑफिसर जो सूची तैयार करेंगे, वही रेलवे को सौंपी जाएगी. इसके बाद रेलवे उन्हीं लोगों को ट्रेन में बैठने देगी जिनका नाम उस लिस्ट में शामिल है. रेलवे ही उन लोगों को सूचित करेगा कि ट्रेन कब चलेगी और उन्हें किस समय तक स्टेशन पहुंचना है. 

ट्रेन में बैठने से पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी, जिसका इंतजाम स्टेशन पर ही होगा. जिन यात्रियों की स्क्रीनिंग सही मिलेगी उन्हें ट्रेन में बैठने दिया जाएगा, अगर यात्री की तबीयत गड़बड़ मिलती है तो स्टेशन से ही उसे अस्पताल भेज दिया जाएगा. उस यात्री को दोबारा तब भेजा जाएगा जब वो क्वारंटीन अवधि को पूरा कर लेगा. जिन यात्रियों का रजिस्ट्रेशन हो जाएगा उन्हें रेलवे को कोई किराया नहीं देना होगा. उनकी यात्रा मुफ्त होगी, रेलवे राज्य सरकारों से इन यात्रियों का किराया वसूलेगी. रेलवे ने इन ट्रेनों का नाम श्रमिक स्पेशल रखा है जिसमें स्लीपर क्लॉस की टिकट 30 रूपये और 20 रूपये भोजन-पानी के लिए जाएंगे लेकिन यात्रियों को ना किराया देना है और ना भोजन पानी का पैसा. राज्य सरकार ये पैसा रेलवे को देगी. ट्रेन में यात्रा करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जाएगा. 

रेलवे आने वाले दिनों में नासिक से लखनऊ, अलुवा से भुवनेश्वर, नासिक से भोपाल, जयपुर से पटना और कोटा से हटिया तक का सफर तय करेंगी. हर ट्रेन में 1000 से 1200 के बीच लोग सवार होंगे. इन्हें जिन स्थानों तक लेकर जाया जाएगा वहां उन्हें 14 दिनों का क्वारेंटाइन पूरा करना होगा. इस दौरान उनकी सेहत खराब होती है तो उन्हें वहीं से अस्पताल भेज दिया जाएगा 

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,ट्विटर