नई दिल्ली: भाजपा के करीब चार साल से गठबंधन के सहयोगी शिरोमणि अकाली दल ने शनिवार को किसान बिल के विरोध में एनडीए गठबंधन से बाहर निकलते हुए गठबंधन तोड़ने का एलान कर लिया है. 17 सितंबर को शिरोमणी अकाली दल की नेता और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे के बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि अकाली दल एनडीए से गठबंधन तोड़ सकता है. इस घटना के करीब दस दिन के भीतर ही अकाली दल ने गठबंधन तोड़ने का एलान कर दिया. हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे के बाद अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा था कि उनकी पार्टी सत्तारूढ़ पार्टी के साथ संबंधों की समीक्षा कर रही है. अकाली दल ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से से किसानों के साथ खड़े होने और विधेयकों पर हस्ताक्षर नहीं करने का अनुरोध किया है.

गौरतलब है कि अकाली दल का आधार पंजाब के किसान ही हैं और पार्टी ने MSP को समाप्त करने की आशंकाओं के चलते नए कानूनों का विरोध किया है और कहा है कि खेती में प्राइवेट प्लेयर छोटे और सीमांत किसानों के लिए मुसीबत पैदा कर देंगे. पंजाब के मुक्तसर में किसानों को संबोधित करते हुए सुखबीर सिंह बादल ने कहा था कि अकालियों के एक बम ने मोदी को हिला दिया.

हरसिमरत कौर बादल ने भी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से गुहार लगाई थी कि वे कृषि विधेयकों पर हस्ताक्षर किए बिना लौटा दें. शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल ने कहा था कि अकाली ऐसे किसी भी कदम का समर्थन नहीं कर सकते जो किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाते हों. इसी के चलते हरसिमरत कौर बादल ने तीन कृषि विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था.

Narendra Modi UNGA speech: संयुक्त राष्ट्र की स्थाई सीट की पीएम मोदी ने फिर उठाई मांग, कहा- कबतक इंतजार करेगा भारत?

Bharat Band Farmer Protests: किसान बिल के खिलाफ देशभर में दिखा बंद का असर, मोदी सरकार के खिलाफ जमकर लगे नारे

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,ट्विटर