लखनऊः लंबे समय से चले आ रहे अयोध्या विवाद में अब एक नया मोड़ आ गया है. यूपी शिया वक्फ बोर्ड ने अब ये मांग कर के गेंद यूपी सरकार के पाले में डाल दी है कि अगर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लखनऊ के हुसैनाबाद में मस्जिद बनाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लेती है तो बोर्ड भी जमीन राम मंदिर के निर्माण के लिए हिंदु समुदाय को सौंपने के लिए तैयार हैं. शिया वक्फ बोर्ड ने यूपी सरकार को यह प्रस्ताव सरकार के सामने रखा है. पिछले दिनों आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिले थे. इसके अलावा वे अयोध्या में निर्मोही अखाड़े भी पहुंचे थे.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अयोध्या विवाद आपस में बात करके सुलझाएं तो बेहतर होगा, इसमें जो भी मदद की जरूरत होगी सुप्रीम कोर्ट करेगा. उसके बाद श्री श्री रविशंकर ने प्रयास शुरू कर दिए हैं अयोध्या पहुंच कर उन्होंने दोनों समुदायों के बातचीत की थी. दोनों समुदायों की सेवा संगठनों से बात करके उन्होंने मीडिया से कहा था कि मुस्लिम समुदाय राम मंदिर के विरोध में नहीं है. उन्होंने कहा था कि इसको सुलझाने में 2-3 महीने का समय लग सकता है.

इससे पहले श्री श्री रविशंकर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद कहा था कि मध्यस्तथा करने वाले कोई प्रस्ताव नहीं जानते. सभी पक्षों से खुले दिल से बातचीत हो रही है. हालांकि मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि हैं विवाद को लेकर श्री श्री रविशंकर जो मध्यस्थता कर रहे हैं, उसमें केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर ये मुद्दा दोनों समुदायों के बीच आपसी बातचीत से सुलझ जाता है तो अच्छी बात है.

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