नई दिल्ली.  राज्य की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही दुल्हन से शादी करने के लिए सात अलग-अलग दूल्हे दुल्हन के घर पहुंचे. लेकिन न तो ससुराल वाले मिले, न ही शादी की पार्टी और न ही दुल्हन. इसके बाद, जब वे अपनी समस्याएं लेकर पुलिस के पास पहुंचे, तो कोलार पुलिस ने विवाह संस्था के प्रबंधक पर जालसाजी का मामला दर्ज किया. बताया जा रहा है कि सभी दूल्हे से शादी कराने के नाम पर 20-20 हजार रुपए जमा कराए गए थे.

जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में, शगुन जन कल्याण सेवा समिति नाम का एक संगठन लोगों से शादी करने के नाम पर लाखों की ठगी करता था. समिति ने सात दूल्हों को उसी दिन यानी 25 मार्च को शादी करने के लिए कहा था. यह संस्था गरीब लड़कियों से शादी करने के बहाने ठगों का एक पूरा गिरोह चलाता था.

उसी समय, लड़कों को भी लड़की की ओर से पेश किया गया था. इसके लिए संस्था लड़कों से 20 हजार रुपये लेती थी. वहीं, जब बात शादी तक पहुंचती है, तो लड़की के परिवार को बताया जाता है कि लड़के ने शादी करने से इनकार कर दिया है. इस तारीख को, सात अलग-अलग दूल्हे दिए गए तारीख पर जुलूस में पहुंचे. लेकिन वहां कोई नहीं मिला, सभी गायब थे और ससुराल में ताला भी बंद था. संगठन को इन सभी घंटों के लिए बुलाया गया था और दुल्हन पक्ष के लोगों को भी बुलाया गया था, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. ऐसे में ये पीड़ित अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचे.

मामले में जानकारी देते हुए टीआई चंद्रभान ने बताया कि शहर की एक संस्था शगुन जन कल्याण सेवा समिति के नाम पर सात अलग-अलग लोगों की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है. जिसमें शादी करने के लिए धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार, ये संगठन शहरों, कस्बों में शादी के इच्छुक लोगों से पर्चे बांटकर और कोलार के विनीत कुंज में अपने कार्यालय में फोन करके लोगों का ध्यान आकर्षित करते थे. यह कार्यालय कहता था कि वे गरीब लड़कियों की शादी की व्यवस्था करते हैं.

इसी मामले में, भिंड के एक पीड़ित केशव ने कहा कि उन्हें पहली बार एक बस स्टैंड पर यह फॉर्म मिला था. जब उसने उसमें दर्ज नंबर पर कॉल किया तो रोशनी तिवारी नाम की महिला ने उससे बात की और उसे अपने ऑफिस बुलाया. केशव ने कहा कि 16 जनवरी को जब वह दोपहर में कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें 25 वर्षीय एक लड़की दिखाई गई. इसके बाद रिश्ता तय हुआ. रोशनी ने लड़की को अपनी बेटी बताया था. समिति ने शादी करने के नाम पर 20 हजार रुपये लिए थे. जब वह शादी के लिए तय पते पर पहुंचा, तो उसे वहां एक ताला लटका मिला.

उन्होंने संस्था के लोगों को घंटों फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला और साथ ही समिति के कार्यालय को भी बंद कर दिया गया. जब वह शिकायत करने थाने पहुंचा, तो उसी मामले में छह और दूल्हे शिकायत कर रहे थे. जिनमें से दो आगरा के, एक शिवपुरी के और एक भिंड के थे.

टीआई के अनुसार, मामले की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कुलदीप तिवारी और उनकी पत्नी रोशनी तिवारी शगुन जन कल्याण सेवा समिति चलाते हैं और एक अन्य रिंकू सेन खुद को संस्था का कर्मचारी बताते थे. रोशनी तिवारी शिकायतकर्ताओं को धोखा देने के लिए लड़कियों की मां बन जाती थीं. अब पुलिस ने इस संस्था के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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