नई दिल्ली: दलाली खाने के लिए लाश से कफन तक खींच लेने वाले हैवानों ने कोरोना काल को भी घोटाले का जरिया बना लिया. कोरोना जांच के लिए उपयोग होने वाली किट की खरीद में बड़ा घोटाला सामने आया है. मामला यूपी के बिजनौर का है जहां पांच गुना ज्यादा दाम पर कोरोना किट खरीदी गई. इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स ऑक्सिमीटर की खरीद 5800 में की गई. सुल्तानपुर के डीपीआरओ ने यही किट 9950 रूपये में खरीदी. दोनों नप चुके हैं. इस बीच खबर आई कि बिजनौर स्वास्थ्य विभाग ने यही किट 15.750 रूपये में खरीदी जिसे वो नियमानुसार बता रहे हैं. जीएसटी मिलाकर 12,390 रूपये में इंन्फ्रारेड थर्मामीटर औऱ 3360 रूपये में पल्स ऑक्सीमीटर खरीदे गए. ये सभी उपकरण उनकी असली कीमत से पांच गुना ज्यादा कीमत पर खरीदे गए हैं.

धीरे धीरे कई जनपदों से इन्फ्रारेड थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर की खरीद में भयंकर घोटाले की खबर आ रही है. कई जगहों से निर्धारित अधिकतम 2800 रुपये प्रति किट से अधिक के खरीद के मामले सामने आ रहे हैं. सुल्तानपुर में इन दोनों उपकरणों की करीब 9,950 रुपये में खरीदने की खबर सामने आने के बाद लम्भुआ से विधायक देवमणि द्विवेदी ने मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा जिसके बाद जांच शुरू हुई और डीपीआरओ सस्पैंड हो गए.

उसी तरह गाजीपुर में यही उपकरण 5800 रुपये खरीदा गया जिसके बाद वहां के डीपीआरओ को भी सस्पैंड कर दिया. बिजनौर के स्वास्थ्य विभाग की बात करें तो सीएमओ बिजनौर ने सहारनपुर की फर्म याशिका इंटरप्राइजेज से 8 अप्रैल 2020 को ऑर्डर देकर जीएसटी सहित 12,390 रुपये प्रति की दर से 12 इन्फ्रारेड थर्मामीटर खरीदे और सहारनपुर की ही फर्म आयुषी इंटरप्राइजेज से 1 अप्रैल 2020 को ऑर्डर देकर जीएसटी सहित 3360 रुपये की दर से 20 पल्स ऑक्सीमीटर खरीदे. इस प्रकार इनके एक इन्फ्रारेड थर्मामीटर व एक पल्स ऑक्सीमीटर की कीमत मिलाकर 15,750 रुपये बैठती है लेकिन अगर आप ऑनलाइन जाकर इन दोनों उपकरणों को खरीदते हैं तो कीमत 2000 रूपये से 2600 तक ये दोनों उपकरण आपके घर तक पहुंच जाएंगे.

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