नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुरुवार को राजनीतिक रूप से संवेदनशील अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में सुनवाई की गई. सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता कमिटी को दिया गया समय बढ़ा दिया है. मध्यस्थता कमिटी 31 जुलाई तक इसकी रिपोर्ट सौंपेगी. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 11 जुलाई को इस मुद्दे पर एक रिपोर्ट मांगी थी और कहा था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्यस्थता की कार्यवाही समाप्त करने का फैसला करने पर 25 जुलाई से प्रति दिन की सुनवाई शुरू हो सकती है. हालांकि अब कहा गया है कि रिपोर्ट 31 जुलाई को सौंपी जाएगी और 2 अगस्त से इस मामले में रोजाना सुनवाई की जाएगी.

पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और तीन सदस्यीय मध्यस्थता पैनल के चेयरपर्सन न्यायमूर्ति एफएमआई कलीफुल्ला ने 18 जुलाई तक मध्यस्थता की प्रगति बताने के लिए कहा था. जस्टिस एस ए बोबडे, डी वाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एसए नाजेर की बेंच ने इस बारे में 11 जुलाई को बताया था. सुप्रीम कोर्ट ने गोपाल सिंह विशारद के कानूनी उत्तराधिकारी द्वारा दायर एक आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया, जिसमें विवाद और मध्यस्थता प्रक्रिया के समापन पर न्यायिक निर्णय की मांग करते हुए आरोप लगाया गया कि वहां कुछ भी नहीं हो रहा था.

मध्यस्थता पैनल- जिसमें आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर और वरिष्ठ अधिवक्ता और प्रसिद्ध मध्यस्थ श्रीराम पांचू शामिल हैं को इससे पहले अपनी रिपोर्ट के बाद मध्यस्थता पूरी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा 15 अगस्त तक का समय दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या से लगभग 7 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में मध्यस्थता प्रक्रिया के लिए जगह तय की थी और कहा था कि मध्यस्थता स्थल से संबंधित, मध्यस्थों के ठहरने के स्थान, उनकी सुरक्षा और यात्रा सहित पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए. राज्य सरकार द्वारा व्यवस्था तुरंत करवाई गई थी और कहा था कि तत्काल प्रभाव से कार्यवाही शुरू की जाए.

Timline Of Ayodhya Land Dispute Case: आज अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई, जानिए 15वीं सदी से चल रहे अयोध्या विवादित भूमि मामले में कब क्या हुआ

Supreme Court Ayodhya Case Final Hearing: अयोध्या राम मंदिर जन्मभूमि बाबरी मस्जिद जमीन विवाद में मध्यस्थता से नहीं बनी बात तो सुप्रीम कोर्ट में 25 जुलाई से अंतिम बहस की रोजाना सुनवाई संभव !