नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के पहले चरण के मतदान में महज दो दिन का समय बचा है. जनता को लुभाने में पूरी ताकत झोंक चुके नेता अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं. टीवी चैनलों के ओपीनियन पोल की समीक्षा करें तो लगभग सभी चैनलों के ओपीनियन पोल बिहार में एनडीए गठबंधन की सरकार बना रहे हैं लेकिन सट्टा बाजार इस दावे के बिलकुल उलट बिहार में महागठबंधन की सरकार बनवा रहा है. भारत-पाकिस्तान सीमा पर मौजूद राजस्थान का फलोदी जिला सट्टा बाजार के लिए जाना जाता है. यहां से जो आंकड़े निकलकर आए हैं वो बताते हैं कि इस बार सट्टा बाजार एनडीए को 93-96 सीटों पर जिता रहा है जबकि आरजेडी को 91-94 सीट दे रहा है. इसके अलावा सट्टा बाजार को उम्मीद है कि बाहर में कांग्रेस पार्टी को 29 से 31 सीट मिलने जा रही है.

महाराष्ट्र के सट्टा बाजार की बात करें तो यहां एनडीए को 88-90 सीटें दी जा रही है जबकि लालू यादव की पार्टी आरजेडी 92-94 सीटें जीतती हुई नजर आ रही है. महाराष्ट्र का सट्टा बाजार कांग्रेस को भी 30-32 सीट पर जीतते हुए दिखा रहा है. बात करें गुजरात के सट्टा बाजार की तो यहां एनडीए 88-91 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है जबकि आरजेडी को 125 सीटों पर जीत का अनुमान लगाया गया है.

सट्टा बाजार के आंकड़े अगर सच साबित होते हैं तो बिहार में आने वाले दिनों मे सरकार बनाने के लिए हॉर्स ट्रेडिंग की जबर्रदस्त संभावना बनती हुई नजर आ रही है क्योंकि मामला काफी नजदीकी है. ऐसे में निर्दलीय उम्मीदवारों की चांदी हो सकती है जिसे सरकार बनाने के लिए हर पार्टी अपने खेमे में लाने की कोशिश करेगी. ऐसा माना जाता है कि सट्टा बाजार पूरे तरीके से जनता के रूझानों के हिसाब से ही परिणाम तय करता है इसलिए सट्टा बाजार के आंकड़े सटीक बैठते हैं.

(नोट- सट्टा बाजार गैरकानूनी है और हम सट्टा बाजार को किसी भी तरह प्रमोट नहीं करते हैं. इस खबर का मकसद सिर्फ सट्टा बाजार में चल रहे आंकड़ों को हमारे पाठकों तक लाना था)

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