Monday, October 3, 2022

बिहार के नए कानून मंत्री को लेकर बवाल, 16 अगस्त को करना था कोर्ट में सरेंडर, लेकिन ले ली शपथ

 

पटना। बिहार में एनडीए से नाता तोड़कर नीतीश ने आरजेडी के साथ नई सरकार बना ली। बीते दिन यानी मंगलवार को महागठबंधन की नई सरकार में मंत्रालयों का बंटवारा भी हो गया है। सबसे ज्यादा मंत्री आरजेडी के बनाए गए है। लेकिन मंत्रालय के बंटते ही कानून मंत्री बनाए गए आरजेडी के नेता और एमएलसी कार्तिकेय सिंह को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, कार्तिकेय सिंह के खिलाफ अदालत से अपहरण के मामले में वारंट जारी किया जा चुका है। बता दें कि उन्हें 16 अगस्त को सरेंडर करना था लेकिन वे कोर्ट में पेश नहीं हुए जिसके चलते अब विपक्ष हमलावर हो गया है।

अपहरण का दर्ज है मामला

बता दें कि, साल 2014 में राजीव रंजन की किडनैपिंग हुई थी। जिसके बाद कोर्ट ने मामले में संज्ञान लिया था। इस किडनैपिंग मामले में एक आरोपी बिहार के कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह भी शामिल हैं जिनके खिलाफ अदालत ने वारंट जारी किया है। उन्हें 16 अगस्त को कोर्ट में पेश होना था लेकिन वे उस दौरान शपथ ले रहे थे। कार्तिकेय सिंह ने अभी तक ना तो कोर्ट के सामने सरेंडर किया है ना ही जमानत के लिए अर्जी दी है।

जंगलराज फिर आ गया: भाजपा

वहीं, कार्तिकेय सिंह के कानून मंत्री के रूप में शपथ लेने से बिहार की सियासत गरमा गई है। मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने नीतीश कुमार पर जोरदार हमला बोल दिया है। बीजेपी ने कहा कि राज्य में जंगलराज वापस लौट आया है। भाजपा ने कहा कि नीतीश कुमार सब जानते थे लेकिन फिर भी कार्तिकेय को कानून मंत्री बनाया।

अनंत सिंह के करीबी हैं कार्तिकेय

गौरतलब है कि कार्तिकेय सिंह को बाहुबली नेता अनंत सिंह का करीबी माना जाता है। जानकारी के मुताबिक अनंत सिंह के जेल में रहने के दौरान कार्तिकेय मास्टर ही मोकामा से लेकर पटना तक उनका कारोबार देख रहे थे। अनंत सिंह कार्तिकेय को मास्टर साहब कहकर भी बुलाते हैं। कार्तिकेय पहले छात्रों को पढ़ाते थे लेकिन अनंत सिंह के करीब आने के बाद वे राजनीति से जुड़ गए। कार्तिकेय सिंह भी मोकामा के रहनेवाले हैं और उनके गांव का नाम शिवनार है। कार्तिक मास्टर की पत्नी रंजना कुमारी लगातार दो बार से मुखिया हैं।

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