नई दिल्ली: पिछले 6 सालों की सबे कम जीडीपी के आंकड़े सामने आने के बाद घरेलु मुद्रा स्फीति के मोर्चे पर भी सरकार विफल साबित हो रही है. सरकार का दावा था कि वो महंगाई को काबू में रखने में कामयाब हुई है लेकिन मुद्रास्फीति के आंकडे कुछ और ही इशारा कर रहे हैं. मुद्रास्फीति के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में मुद्रास्फीति की दर पिछले दस महीनों में सबसे ज्यादा थी. अगस्त में सालाना घरेलू स्फीति बढ़कर 3.21 फीसदी हो गई है जो जुलाई में 3.15 फीसदी थी.

मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिक्स ने ये आंकड़े जारी किए हैं लिहाजा संदेह की कोई गुंजाइश ही नहीं है कि पिछले एक महीने में महंगाई बढ़ी है. वहीं केंद्र सरकार का अनुमान था कि इस बार मुद्रास्फीति की दर 3.4 फीसदी से 3.7 फीसदी के आसपास रहेगी. अर्थशास्त्रियों के मुताबिक सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की खराब हालत को देखते हुए आरबीआई मांग में आ रही कमी और निवेशकों में निराशा का माहौल देखते हुए रेट कम सकता है. यही नहीं दूसरे मोर्चे पर भी सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी हो रही है. मसलन भारत में अगस्त के महीने में बेरोजगारी दर 8.2 फीसदी तक पहुंच गया था. बेरोजगारी दर पिछले साल तक 7.3 फीसदी थी.

आर्थिक मोर्चे पर लगातार फिसल रही सरकार को उभारने के लिए आरबीआई ने सरकार को 1.73 लाख करोड़ रुपये देने का आश्वासन दिया है लेकिन वो पैसा अगले पांच सालों में निकाला जाएगा. बात सिर्फ इतनी सी नहीं है. आरबीआई जिस पैसे को सरकार की झोली में डाल रही है वो पैसा उसने सालों की जमा पूंजी से बनाया है लेकिन पिछले पांच सलों में आरबीआई की तिजोरी में पैसा जाने की बजाय सिर्फ निकल रहा है जो निश्चित तौर पर चिंता की बात है. दूसरी तरफ सरकार ने बैंकों का भी विलय कर कुल चार राष्ट्रीय बैंक बनाने का एलान किया है. इसके पीछे तर्क यही दिया जा रहा है कि इससे बैड लोन कम से कम होगा और बैंकों के पास आम लोगों को देने के लिए ज्यादा पैसे होंगे. हालांकि सरकार की ये योजना कितनी कामयाब होती है ये देखने वाली बात होगी. 

PM Narendra Modi On 100 Days In Gvoernnance: सरकार के 100 दिन के कामकाज पर बोले पीएम नरेंद्र मोदी, ये तो सिर्फ ट्रेलर था, फिल्म अभी बाकी है

Congress Attacks on 100 Days of Modi Govt 2.0: बीजेपी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर कांग्रेस ने साधा जमकर निशाना, बताया- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आर्थिक मोर्चे पर फेल, देश में अराजकता और उत्पीड़न का माहौल

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App