नई दिल्ली. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के शमसाबाद में वेटनरी डॉक्टर का गैंगरेप कर उसकी निर्मम हत्या करने और उसके शव को जलाकर फेंक देने की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. हैदराबाद भारत का एक सेक्यूलर और सुरक्षित शहर माना जाता है, बावजूद इसके ऐसी दरिंदगी होना अपने आप में कई सवाल खड़े कर रहा है. साइबराबाद पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि सभी आरोपियों ने घटना को अंजाम देने से पहले शराब पी थी. यानी कि जब वे महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार कर रहे थे तो शराब के नशे में धूत थे.

दिल्ली निर्भया कांड के आरोपी भी शराब के नशे में टल्ली थे-
2012 में दिल्ली में हुआ निर्भया कांड तो आपको याद होगा. जहां साउथ दिल्ली की सड़कों पर चलती बस में पांच लोगों ने एक लड़की का बलात्कार किया और उसके प्राइवेट पार्ट में लोहे की रोड घुसाकर आंतड़ियां बाहर निकाल दी थी. उस दर्दनाक और निर्मम कांड के बाद पूरा देश सड़कों पर उतर आया था. हालांकि निर्भया को बाद में बचाया नहीं जा सका लेकिन जनता के भारी आक्रोश के बाद एक नाबालिग आरोपी को छोड़ सभी दरिंदों को फांसी की सजा सुनाई गई थी.

निर्भया कांड में पुलिस चार्जशीट में साफ लिखा हुआ था कि सभी आरोपी घटना के वक्त नशे में धूत थे. पांचों आरोपियों ने पहले शराब पी और फिर बस लेकर निकल पड़े. दिल्ली की निर्भया हो या हैदराबाद की वेटनरी डॉक्टर, बलात्कार की लगभग सभी घिनौनी वारदात में आरोपी शराब या किसी और मादक पदार्थ के नशे में ही धूत पाए जाते हैं.

शराब के नशे इंसान खुद को बादशाह समझ लेता है!
साइकोलॉजी एक्सपर्ट्स के मुताबिक शराब पीने के एक इंसान की मानसिक प्रवृत्ति में काफी बदलाव आ जाते हैं. नशा इंसान के दिमाग को निष्प्रभावी कर देता है. नशे के वक्त व्यक्ति का अपने दिमाग पर काबू नहीं होता. एक आम से आम इंसान भी खुद को बादशाह या डॉन से कम नहीं समझता. उस समय जो उसके मन में ख्याल आते हैं वो उन्हें पूरे करने में लग जाता है. इसके क्या दुष्परिणाम होंगे, उसे बिल्कुल भी भान नहीं रहता. यही कारण है रेप जैसी घिनौनी वारदातों को अक्सर शराब के नशे में ही अंजाम दिया जाता है.

हर 14 मिनट में एक बहन या बेटी की इज्जत लूटी जा रही है
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक भारत में हर 14 मिनट में एक रेप की घटना सामने आती है. यानी कि हर एक घंटे में चार बहन-बेटियां बलात्कार का शिकार हो जाती हैं. ये तो सिर्फ सरकारी आंकड़े हैं. कई रेप और गैंगरेप के मामले ऐसे भी होते हैं जो कभी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं हो पाते. वे किसी गुमनाम कोने में दफन हो जाते हैं. इनमें से अधिकतर रेप की घटनाओं में लिप्त आरोपी शराब या किसी मादक पदार्थ के नशे में होते हैं.

शराब सिर्फ एक इंसान के लिए ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए हानिकारक
इससे यह साफ होता है कि शराब सिर्फ स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि समाज के लिए भी हानिकारक है. शराब से कई लोगों के घर और परिवार टूट जाते हैं. अधिकतर सड़क दुर्घटनाओं के पीछे का कारण भी शराब ही होती है. साथ ही एक व्यक्ति बलात्कार, हत्या जैसी खौफनाक वारदातों को भी शराब के नशे में ही अंजाम देता है. इसलिए गुजरात और बिहार जैसे राज्यों में शराब के उत्पादन और बिक्री पर पूर्णतया पाबंदी है.

अगर अपने घर की लड़कियों और महिलाओं की इज्जत प्यारी है तो आज ही शराब छोड़ें-
जैसा आपने पढ़ा, शराब पीने के बाद बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देने में आरोपी बिल्कुल भी नहीं कतराते. यदि आप और हम सब मिलकर आज ही शराब को त्यागने का संकल्प लें तो भविष्य कई लड़कियों की इज्जत लुटने से बचाया जा सकता है. हैदराबाद की वेटनरी डॉक्टर के साथ जैसी घिनौनी वारदात हुई है वैसी हमारी मां, बहन, बेटी, बीवी, दोस्त या गर्लफ्रैंड किसी के साथ भी न हो, इसके लिए हमें शराब को समाज से दूर ले जाने के प्रयत्न करने होंगे.

क्योंकि आज जो घटना उस लड़की के साथ हुई है, कल हममें से किसी के भी घर के सदस्य के साथ हो सकती है. महिलाओं के लिए असुरक्षित इस देश में नशीली प्रवृति से जनित अपराधों को रोकने में हम आज से ही संकल्प लें तो समाज को बेहतर बनाने में एक कदम उठा सकते हैं.

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