नई दिल्ली. साल 2016 में 8 नंबवर को हुए नोटबंदी के ऐलान के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के इस फैसले को लेकर कई सवाल किए गए. पूछा गया कि इस फैसले से आखिर सिस्टम में कितने पुराने नोट वापस आए? ऐसे में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानि आरबीआई ने अब जाकर जवाब दिया है कि मार्केट में 15.41 लाख करोड़ रूपये थे जिनमें से कुल 15.31 लाख करोड़ रुपये सिस्टम में वापस लौट आए हैं. ये आंकड़ा जारी होते ही विपक्ष के साथ साथ आम लोगों का प्रतिक्रियाएं भी आना शुरु हो गई हैं. एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा है कि ‘2 साल बाद आरबीआई ने आखिरकार आंकड़े पेश कर ही दिए. नोटबन्दी के दौरान 99.3% पुरानी करेंसी उनके पास वापस आ गयी। यानि देश में डेटॉल से बचे कीटाणु जितना ही कालाधन था.’

सवाल उठाया जा रहा है कि जब 99.3% फीसदी पैसा वापस आ गया तो फिर नोटबंदी कराने का फायदा क्या हुआ? काला धन कहां गया ये सरकार को बताना होगा. वहीं आम लोग ट्विटर के जरिए सरकार के इस फैसले पर तंज कर रहे हैं. लोग इसे सबसे बड़ा स्कैम बता रहे हैं. आरबीआई की रिपोर्ट आते ही लोग भड़क गए. किसी ने कहा कि 99.3% पैसा वापस आ गया यानि सिर्फ 0.7 प्रतिशत ही काला धन है.

इसके अलावा एक यूजर ने लिखा ’15 लाख 44 हजार करोड़ रुपए के नोट बंद किए गए थे, उनमें से 15 लाख 31 हजार करोड़ वापस आए बाकी में 31 हजार करोड़ ट्रोल आर्मी, पत्रकार और मोदी जी के कपड़े पे खर्च हो गए.’ एक व्यक्ति ने ट्वीट किया ‘अशिक्षित तथाकथित देशभक्त लोग जिन्होंने नोटबंदी का बचाव किया, अब तक का सबसे बड़े बेवकूफ साबित हुए हैं.’ 

RBI का बयान- नोटबंदी में 500 और 1000 के 99.3% बैन नोट बैंक में लौटे, विपक्ष ने पूछा- काला धन कहां गया?

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