नई दिल्ली. हाल ही में भारतीय जांच एजेंसी सीबीआई में संघर्ष के बीच केंद्र सरकार के पास अब रिजर्व बैंक की नई मुसीबत आती दिख रही है. दरअसल आरबीआई के उच्च अधिकारियों ने सरकार पर रिजर्व बैंक के कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया है. साथ ही चेतावनी दी है कि अगर ये दखलनदाजी बंद नहीं हुई तो परिणाम बुरा होगा. बैंक के अधिकारियों के कर्मचारी यूनियन ने चिट्ठी लिखी है कि सरकार के द्वारा बैंक की स्वायत्तता को खतरा पहुंचाया जा रहा है.

कर्मचारियों ने हाल ही में डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य द्वारा दिए गए उस बयान का भी समर्थन किया है जिसमें उन्होंने काम में सरकार के दखल की बात कही थी. बता दें कि इसको लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सरकार पर हमला किया था. उन्होंने कहा था कि यह देखना सुखद है कि आखिरकार भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल केंद्रीय बैंक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बचा रहे हैं. राहुल ने कहा कि देश भाजपा-आरएसएस को संस्थाओं पर कब्जा नहीं करने देगा.

बता दें कि डिप्टी गवर्नर ने कहा था कि जो भी सरकार केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता का सम्मान नहीं करती है उसे वित्तीय बाजार की नाराजगी झेलनी ही पड़ती है. उन्होंने कहा था कि जो सरकार केंद्रीय बैंक को अपने अनुसार काम करने देती है उसे जल्द कम लागत में उधारी और इंटरनेशनल निवेशकों का प्यार मिलता है.

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