नई दिल्ली : हाल ही में बजट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई सरकारी बैंकों के निजीकरण की बात कही थी. जिसके बाद सरकारी बैंकों के कर्मचारियों ने नाराजगी जताते हुए दो दीन की हड़ताल का ऐलान किया है. वहीं अब भारतीय रिजर्व बैंक ने एक और को-ऑपरेटिव सेक्टर की बैंक पर बैन लगा दिया है. जिसके चलते ग्रहकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती हुई नजर आ रही हैं. दरअसल, आरबीआई ने नाशिक के इंडिपेंडेंस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर प्रतिबंध लगा दिया है.

एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बैंक की आर्थिक स्थिति नाजुक होने के कारण आरबीआई की ओर से एहतियात के रूप में ये कार्रवाई की गई है. आरबीआई की ओर से बैन के बाद अब बैंक के खाताधारकों को पैसे निकालने की अनुमति नहीं होगी. यानी खाताधारक पैसे नहीं निकाल पाएंगे. वहीं, इंडिपेंडेंस को-ऑपरेटिव बैंक के करीबन 99.88 प्रतिशत खाताधारक डिपॉजिट इंश्योरंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन के बीमा सुरक्षा के लिए पात्र हैं. इस बीमा सुरक्षा योजना में बैंक खाताधारक को 5 लाख तक के जमा पर बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है.

बता दें कि आरबीआई ने इंडिपेंडेंस को-ऑपरेटिव बैंक पर सिर्फ 6 महीनों के लिए प्रतिबंध लगाया गया है. इस दौरान बैंक के खाताधारकों को बचत या चालू खाते में पैसे जमा करने और निकालने की अनुमति नहीं होगी. इसके साथ ही कुछ नियम और शर्तों के तहत खाताधारक कर्ज लौटा सकते हैं ऐसा आरबीआई ने अपने आदेश में कहा है. यह आदेश 10 फरवरी से ही लागू हो गया है. बैंक पर प्रतिबंध के बारे में आरबीआई ने आदेश जारी किया है. साथ ही आरबीआई ने यह भी साफ कहा है कि जब तक बैंक की आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं होता तब तक ये प्रतिबंध जारी रहेंगे.

Koo App Data Leak: कू ऐप से यूजर्स के पर्सनल डेटा को खतरा, हो रहा है लीक, चाइनीज कनेक्शन भी आया सामने!

Priyanka Gandhi Attend Kisan Maha Panchayat: किसान महापंचायत में प्रियंका गांधी को सुनने उमड़ी भीड़, BJP पर साधा निशाना

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,ट्विटर