नई दिल्ली. यूरोपियन यूनियन के 27 सांसदों के कश्मीर दौरे पर कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने जमकर हमला बोला है. सुरजेवाला ने कहा है कि 72 सालों से भारत की जांची परखी नीति है कि कश्मीर हमारा आंतरिक ममला है. इसमें किसी भी तीसरे पक्ष की दखलअंदाजी हम कभी स्वीकर नहीं करेंगे. नरेंद्र मोदी जी देश की संप्रभुता को चुनौती देने, राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रहार और संसद का अपमान करने वाले अपने इन निर्णयों पर देश को स्पष्टीकरण दें. इस पूरे ट्रिप को मादी शर्मा नाम की महिला ने आयोजित किया था जो अपने आप को इंटरनेशनल बिजनेस ब्रोकर बताती हैं. इस पर भी विपक्ष सवाल  उठा रहा है कि कैसे एक प्राइवेट एनजीओ के हाथ में देश के सबसे संवेदनशील मुद्दे पर लगातार निर्णय ले रहा था. 

रणदीप सुरजेवाला ने इस मामले पर नरेंद्र मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सुरजेवाला ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले तीन दिनों में देश ने एक ‘इंटरनेशनल बिज़नेस ब्रोकर’ द्वारा प्रायोजित मोदी सरकार का अपरिपक्व, विवेकहीन व मूर्खतापूर्ण ‘पीआर स्टंट’ (प्रचार का हथकंडा) देखा. एक पूर्णतया अनजान थिंकटैंक के द्वारा प्रायोजित यूरोपियन संसद के 27 सदस्यों को भारत लाया गया तथा उनकी प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करवाई गई, उन्हें कश्मीर के जमीनी हालात जानने के लिए सरकार द्वारा कश्मीर भेजा गया तथा उनकी पत्रकार वार्ता भी आयोजित की गई. आखिर में इस डेलिगेशन के 23 सदस्य ही कश्मीर गए और 4 दिल्ली से ही लौट गए.

सुरजेवाला ने आगे कहा, ‘पिछले 72 साल से भारत की जांची परखी नीति है कि कश्मीर हमारा आंतरिक मामला है तथा हम इस बारे किसी तीसरे पक्ष, समूह, संस्था या व्यक्ति की दखलंदाजी कदापि स्वीकार नहीं करेंगे. पिछले तीन दिनों में इस नीति को पलटकर मोदी सरकार ने एक अक्षम्य अपराध किया है. बीजेपी सरकार ने देश की संसद और प्रजातंत्र का भी घोर अपमान किया है. जब हमारे अपने सांसद और विपक्षी दलों के नेता कश्मीर जाते हैं, तो भाजपा सरकार उन्हें एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर जबरन वापस भेज देती है.

इसके विपरीत भाजपा सरकार यूरोपियन सांसदों का लाल कालीन बिछा कश्मीर में स्वागत कर रही है और वह भी तब, जब उन्हें एक अंतर्राष्ट्रीय बिज़नेस ब्रोकर द्वारा लाया गया है, न कि यूरोपियन देशों के द्वारा भेजा गया. यानि देश के सांसदों से ‘शांति’ का खतरा है और विदेशी सांसदों का कश्मीर में ‘स्वागत’ है. भाजपा सरकार के इस अपरिपक्व, विवेकहीन व मूर्खतापूर्ण निर्णय से साफ है कि मोदी सरकार ने भारत की कूटनीति को एक अंतर्राष्ट्रीय बिज़नेस ब्रोकर के हाथ गिरवी रख दिया है.

रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कश्मीर में 27 यूरोपियन यूनियन के सांसदों की यात्रा पर सवाल उठाया

रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘क्या प्रधानमंत्री बताएंगे कि मैडी शर्मा कौन है? भाजपा का ‘महिला आर्थिक व सामाजिक थिंकटैंक’ व ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर नॉन अलाईंड स्टडीज़’ से क्या जुड़ाव है? मैडी शर्मा क्यों व किस हैसियत में प्रधानमंत्री की अप्वाईंटमेंट दे रही हैं, वो भी तब जब यूरोपियन यूनियन के सांसद अनौपचारिक यात्रा पर हैं और भारत सरकार इस यात्रा की स्पॉन्सर क्यों बनी है? एक बिज़नेस ब्रोकर द्वारा प्रायोजित कश्मीर की इस यात्रा का पैसा कहां से आ रहा है? इस पूरे मामले में विदेश मंत्रालय को दरकिनार क्यों कर दिया गया है? सच्चाई यह है कि पिछले 72 साल में यह देश की सबसे बड़ी कूटनीतिक चूक है.’

मोदी सरकार ने जानबूझकर कश्मीर मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण कर दिया है, जो हमारी जाँची परखी नीति की घोर उल्लंघना है कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है.मोदी सरकार ने एक तीसरे पक्ष को कश्मीर बुलाकर जमीनी हालात का जायजा लेने की इजाजत दे देश की घोषित नीति का उल्लंघन कर घोर पाप किया है। ऐसा कर सरकार ने जम्मू कश्मीर पर भारत की संप्रभुता को भी चुनौती दे डाली है. हम मांग करते हैं कि प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी देश की संप्रभुता को चुनौती देने, राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रहार करने व संसद का अपमान करने वाले अपने इन निर्णयों के बारे आगे बढ़ देश को स्पष्टीकरण दें.

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